Homeराजनीति'इस्लाम कुबूल करता तो माँ मुझे मार ही डालती, झूठ बोल रहे हैं केजरीवाल':...

‘इस्लाम कुबूल करता तो माँ मुझे मार ही डालती, झूठ बोल रहे हैं केजरीवाल’: हंसराज हंस

हंस राज हंस ने कहा कि उनका जन्म एक वाल्मीकि परिवार में हुआ है और उनकी माँ वाल्मीकि की पूजा करती है। अरविंद केजरीवाल ने उनके साथ ही उनके समाज और भगवान वाल्मीकि का भी अपमान किया है।

उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और प्रसिद्ध पंजाबी लोक गायक हंस राज हंस ने शुक्रवार (मई 3, 2019) को कहा कि वे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। दरअसल, आम आदमी पार्टी ने हंसराज हंस के ऊपर आरोप लगाया था कि उन्होंने धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर लिया है और वह अनुसूचित जाति की सुरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। AAP के इसी आरोप का जवाब देते हुए हंसराज हंस ने केजरीवाल को निशाने पर लिया और कहा, “झूठे आदमी ने फिर से झूठ बोला है। गंदगी की परिभाषा को उजागर करने वाली शख्सियत को देखना हो तो वो केजरीवाल हैं।” इसके साथ ही उन्होंने मानहानि का मुकदमा और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की भी बात कही।

हंसराज हंस ने कहा कि उनका जन्म एक वाल्मीकि परिवार में हुआ है और उनकी माँ वाल्मीकि की पूजा करती है। उन्होंने कहा कि अगर वो धर्म परिवर्तन करके इस्लाम कबूल करते तो उनकी माँ उन्हें मार ही डालती। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने वाल्मीकि समाज और भगवान वाल्मीकि का भी अपमान किया है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि हंसराज हंस वाल्मीकि समाज से हैं। वह लोकप्रिय सूफी गायक हैं और जो लोग उनकी लोकप्रियता से घबरा रहे हैं वह उनके खिलाफ झूठ फैला रहे हैं ऐसे लोगों को उनसे माफी माँगनी चाहिए।

गौरतलब है कि गुरूवार (मई 2, 2019) को AAP के राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि भाजपा प्रत्याशी हंसराज हंस 20 फरवरी 2014 को धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर चुके हैं। गौतम के अनुसार इस संबंध में देश के कई प्रतिष्ठित अखबारों में खबर छपी थी और मीडिया चैनल पर इस संबंध में स्टोरी भी चलाई गई थीं। राजेंद्र का कहना है कि हंसराज हंस ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम मोहम्मद यूसुफ रख लिया था। इसके साथ ही उनका ये भी कहना है कि इस दौरान हंसराज ने कहा था कि उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया है, लेकिन वह फ़िल्म इंडस्ट्री में अपने पुराने नाम से ही काम करते रहेंगे जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर यह मुद्दा उठाया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -