Tuesday, July 23, 2024
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हिमाचल में बस 1 महिला MLA, गुजरात में 1 ही मुस्लिम बना विधायक: कौन है कमल खिलाने वाली रीना और हाथ छाप इमरान

इस बार हिमाचल विधानसभा में 67 पुरुष विधायकों के साथ सिर्फ एक महिला विधायक होंगी, जिनका नाम रीना कश्यप है। वहीं, गुजरात में 182 विधायकों में से मात्र 1 मुस्लिम विधायक होंगे और उनका नाम इमरान खेड़ावाला है।

साल 2022 में हुए दो राज्यों के विधानसभा चुनावों में नतीजों के बाद एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। 68 विधानसभा सीट वाले हिमाचल प्रदेश में जहाँ महिला विधायक के नाम पर एक अकेली भाजपा की रीना कश्यप का चुनाव हुआ। वहीं गुजरात में भी 182 सीटों में से केवल एक सीट पर इमरान खेड़वाला अकेले मुस्लिम विधायक निर्वाचित हुए।

मालूम हो कि ऐसा नहीं है कि हिमाचल में महिला उम्मीदवार नहीं उतारी गईं या गुजरात में मुस्लिमों को प्रत्याशी बनने का मौका नहीं मिला। गुजरात में मुस्लिम उम्मीदवारों की बात करें तो इस बार चुनाव में भाजपा ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा था। मगर कॉन्ग्रेस ने 6, आम आदमी पार्टी ने 3 और औवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) की ओर से कई मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया था।

फिर भी गुजरात की 182 सीटों में केवल एक सीट पर ही मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर विधायक बन सका। जमालपुर खड़िया से कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार इमरान खेड़ावाला बीजेपी उम्मीदवार भूषण भट को 13 हजार से अधिक वोटों से हराकर इस बार विधानसभा पहुँचने वाले इकलौते मुस्लिम विधायक बने।

बताया जाता है कि 182 सदस्यीय गुजरात में 30 सीटें ऐसी थीं, जहाँ मुस्लिम आबादी 15 फीसदी से अधिक हैं। इस​के बावजूद केवल एक ही मुस्लिम विधायक बन पाया। इस बार गुजरात में सातवीं बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। पार्टी ने यहाँ 182 में से 156 सीटें जीतकर रिकॉर्ड जीत हासिल की है। वहीं कॉन्ग्रेस को 17 सीटें और ‘आप’ का आँकड़ा मात्र 5 सीटों तक ही पहुँचा।

इसी तरह हिमाचल प्रदेश की बात करें तो इस बार मैदान में 24 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया था। मगर जीत केवल रीना कश्यप की हुई। रीना कश्यप ने पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस की दयाल प्यारी को हराकर 3857 वोटों से जीत हासिल की। रीना ने कुल 34.52 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि दयाल प्यारी को 28.25 फीसदी वोट मिले।

कश्यप ने वर्ष 2021 में पच्छाद (एससी) विधानसभा से उपचुनाव भी जीता था। इस चुनाव में जीतकर वह अपनी सीट बरकरार रखने में सफल रहीं। उनके अलावा कोई और महिला विधायक नहीं चुनी गई। हैरानी इस बात की है कि ये नतीजे तब देखने को मिले जब राज्य के कुल मतदाताओं में आधी संख्या महिलाओं की है। 2017 में केवल चार महिला उम्मीदवार विधानसभा चुनाव जीतने में सफल रही थीं।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश की तो राज्य की 68 सीटों में से कॉन्ग्रेस ने 40 सीटों और भाजपा ने 25 पर जीत दर्ज की है। इसके अलावा 3 सीटें अन्य के खाते में गई हैं। वहीं, आदमी पार्टी यहाँ अपना खाता भी नहीं खोल पाई। यहाँ 68 में से सिर्फ एक सीट पर महिला प्रत्याशी रीना कश्यप को जीत मिली है। वह इकलौती भाजपा की विधायक हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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