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महात्मा गाँधी भी शाहीन बाग़ में धरना देते: दिग्विजय सिंह, लेकिन… शाहीन बाग़ वाले बता चुके हैं गाँधी को फासिस्ट

"CAA और NRC आंदोलन अब राजनीतिक दलों और पुरुषों के हाथों से निकलकर महिलाओ और बच्चों के हाथों में पहुँच गया है। महात्मा गाँधी आज होते तो वह भी शाहीन बाग में धरने पर अवश्य बैठते।"

शाहीन बाग़ में चल रहे CAA और NRC के विरोध प्रदर्शन में कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर ली है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि आज अगर महात्मा गाँधी होते तो वो शाहीन बाग़ में धरना देते।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल में ‘गाँधी, एक भारत’ नामक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के दौरान मोदी सरकार को नागरिकता कानून (CAA), NRC और आर्टिकल 370 के मुद्दे पर घेरा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर हमें आज वो सब देखना पड़ रहा है, जिसे महात्मा गाँधी कभी स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी आज होते तो वह भी शाहीन बाग में धरने पर अवश्य बैठते। इसमें आश्चर्यजनक बात यह रही कि खुद दिग्विजय सिंह ने यह बात शाहीन बाग के ठंड में बैठ कर कहने के बजाय भोपाल से कही है!

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 हटाने से कश्मीर के लोगों में अविश्वास पैदा हुआ है। विवादित नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज कुछ लोग महात्मा गाँधी के हत्यारों को राष्ट्रभक्त कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम एकता के लिए गाँधी ने बहुत कुछ किया है लेकिन आज गाँधी को हिन्दू विरोधी साबित करने की कोशिश ही रही है।

‘गाँधी हिंसा का कोई कदम स्वीकार नहीं करते’

कार्यक्रम के दौरान कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि महात्मा गाँधी ने सरलता के साथ आम जनता को कॉन्ग्रेस से जोड़ा और गाँधी हिंसा का कोई कदम स्वीकार नहीं करते थे। गाँधी के बहाने ही दिग्विजय सिंह ने कहा कि CAA और NRC आंदोलन अब राजनीतिक दलों और पुरुषों के हाथों से निकलकर महिलाओ और बच्चों के हाथों में पहुँच गया है।

इसके साथ ही विवादित कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि आज कल शिक्षकों को भी गाँधी और राष्ट्रवाद के बारे में जानकारी नहीं है। साथ ही, दिग्विजय सिंह ने CAA लागू ना करने वाले राज्यों को बधाई भी दी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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