Monday, October 25, 2021
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बागी विधायकों को बेंगलुरु मनाने पहुँचे कमलनाथ के मंत्रियों ने पुलिस से की धक्का मुक्की, हुई तीखी झड़प

9 मार्च को कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने के बाद 12 को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जेपी नड्डा की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद बीजेपी ने सिंधिया को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया। वहीं दूसरी ओर सिंधिया समर्थित 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मँडरा रहे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कॉन्ग्रेस छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के बाद से ही मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल का दौर जारी है। इसी बीच बेंगलुरु में सिंधिया समर्थित विधायक मंत्रियों से मिलने पहुँचे कमलनाथ के दो मंत्रियों की वहाँ सुरक्षा में मौजूद पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक के बाद झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस ने कॉन्ग्रेस के दोनों मंत्रियों को हिरासत में ले लिया। हालाँकि, दोनों को राजनीतिक दवाब के चलते बाद में छोड़ दिया गया।

दरअसल, बेंगलुरु के रिसॉर्ट में ठहरे सिंधिया समर्थक मंत्रियों-विधायकों से मिलने के लिए गुरुवार को कमलनाथ सरकार के दो मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह पहुँचे थे। इस दौरान वहाँ सुरक्षा में तैनात पुलिस के साथ कॉन्ग्रेस के दोनों मंत्रियों की पहले तो बागी विधायकों से मिलने को लेकर नोकझोंक हुई इसके बाद यह नोकझोंक तीखी झड़प में बदल गई। इस दौरान पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मंत्रियों को हिरासत में ले लिया। ये दोनों ही मंत्री जबरन बागी विधायकों से मिलने की कोशिश कर रहे थे। इस पर कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के दबाव में उसके दोनों नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल इन मंत्रियों के साथ विधायक मनोज चौधरी के पिता नारायण चौधरी भी मौजूद थे।

उधर मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने 6 और विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है, जिसे मिलाकर अब तक कुल 13 विधायकों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी अभी तक 19 विधायकों के इस्तीफे मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने यह भी कहा सारी कार्रवाई नियम और प्रक्रिया के तहत की जा रही है। पक्ष-विपक्ष कुछ भी हो, मैं निष्पक्ष हूँ।

आपको बता दें कि 9 मार्च को कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने के बाद 12 को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जेपी नड्डा की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद बीजेपी ने सिंधिया को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया। वहीं दूसरी ओर सिंधिया समर्थित 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मँडरा रहे हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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