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CM योगी के विजन से सिर्फ 8 साल बन गया नोएडा का इंटरनेशनल एयरपोर्ट, UP बनेगा वैश्विक एविएशन हब: जानें कैसे ये सपना बना हकीकत, समझें हर एक बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी की प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।

आठ वर्षों के अथक प्रयास और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नियमित निगरानी से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सपने से हकीकत में तब्दील हो गया है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिलने और शनिवार (28 मार्च 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फेज-1 के लोकार्पण के बाद यह एयरपोर्ट पूरी तरह संचालन के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी के विजन का यह सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मेगा प्रोजेक्ट को शुरू से ही अपनी प्राथमिकता दी। उनके कुशल नेतृत्व और समयबद्ध फैसलों की वजह से 2017 में शुरू हुआ सपना 2026 में पूरा हो गया। सीएम योगी ने हर कदम पर विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया और नियमित समीक्षा बैठकें कर प्रगति की निगरानी की।

परियोजना की शुरुआत 2017 में हुई जब जुलाई में साइट क्लीयरेंस और अक्टूबर में गृह मंत्रालय से एनओसी प्राप्त हुई। इसी वर्ष जेवर को विश्व स्तर के एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की नींव रखी गई। 2018 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड का गठन कर परियोजना को संस्थागत रूप दिया गया। मुख्यमंत्री योगी ने इस दौरान भूमि अधिग्रहण से लेकर पर्यावरणीय मंजूरी तक हर प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया।

2020 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को कंसेशनायर चुना गया और कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। सीएम योगी के निर्देश पर सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी की गईं। अगस्त 2021 में फाइनेंशियल क्लोजर हो गया और मास्टर प्लान को मंजूरी मिली। अक्टूबर 2021 में अपॉइंटेड डेट घोषित कर निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।

मार्च 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया गया। 2022 से 2024 तक सभी महत्वपूर्ण टास्क समयबद्ध तरीके से पूरे किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार साइट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनकी सक्रियता के कारण कोई भी बाधा लंबे समय तक नहीं टिक सकी।

अक्टूबर 2025 में कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल रही और मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त हो गया। सीएम योगी ने इस पूरे सफर में कभी भी लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने एयरपोर्ट को केवल उड़ान भरने का स्थान नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के औद्योगिक लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति बनाई।

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाखों रोजगार सृजित करेगा। यह निर्यात लॉजिस्टिक्स पर्यटन और निवेश को नई गति देगा। मुख्यमंत्री योगी के विजन के कारण उत्तर प्रदेश अब वैश्विक कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

एयरपोर्ट के आगे का विकास मॉडल भी तैयार है। आसपास के क्षेत्रों में होटल शॉपिंग मॉल और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह एयरपोर्ट यूपी की आर्थिक शक्ति को और मजबूत करेगा।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी की प्रगति का प्रतीक है। उनके अनुसार यह प्रोजेक्ट केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फेज-1 के लोकार्पण के बाद एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें शुरू हो जाएँगी। यह यूपी को दिल्ली एनसीआर के अलावा पूरे उत्तर भारत के लिए नया एविएशन हब बनाएगा।

मुख्यमंत्री योगी की कोशिशों से पूरा प्रोजेक्ट निर्धारित समय से पहले पूरा हो गया। आठ वर्षों का यह सफर अब नई उड़ान की शुरुआत है। यूपी सरकार का यह मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब एविएशन इंडस्ट्री के फलक पर चमकने को तैयार है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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