Wednesday, October 20, 2021
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‘इंशाअल्लाह, मेरा इंडिया इस्लामिक राज्य हो जाएगा’: हिंदू घृणा से सने NSUI महासचिव शौकत अली से मिलिए

यह महज एक संयोग नहीं है कि शौकत अली कथित तौर पर कॉन्ग्रेस पार्टी के छात्र संघ NSUI से जुड़ा हुआ है। कॉन्ग्रेस के नेता, लंबे समय से हिंदुओं के खिलाफ घृणा को बढ़ावा देते आए हैं और ऐसे बयानों को अपनी विचारधारा का आधार साबित करने का प्रयास किया है।

कॉन्ग्रेस के छात्र संगठन NSUI से जुड़े शौकत अली शाहीन (Shokit Ali Shaheen) की हिंदूफोबिक टिप्पणियाँ सोशल मीडिया पर सामने आई है। फेसबुक प्रोफाइल में उसने जम्मू-कश्मीर में NSUI का जिला महासचिव होने की बात कही है।

शाहीन द्वारा फेसबुक पर की गई हिंदू-घृणा और मजहबी वर्चस्व से लिप्त टिप्पणियाँ कुछ इस प्रकार हैं –

  1. ‘हिंदू इस पृथ्वी पर एक आतंकवादी धर्म है’,
  2. ’57 इस्लामिक देश हैं और इस्लाम पूरी दुनिया में चमक रहा है…’
  3. ‘कुरान विज्ञान का मार्गदर्शक है…’
  4. ‘निरक्षर, गंदे, भद्दे हिंदू ही हमारे भारत में धार्मिक प्रदूषण फैला रहे हैं…’
  5. ‘इंशाअल्लाह, मेरा इंडिया इस्लामिक राज्य हो जाएगा।’
  6. ‘गाय का गोबर और गोमूत्र पीने वाली कौम’
शौकत अली के प्रोफाइल का वायरल स्क्रीनशॉट

शुक्रवार (मई 15, 2020) को शौकत अली के इन हिंदू विरोधी और भड़काऊ टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार, NSUI के इस कथित महासचिव ने अपने प्रोफाइल में जिक्र किया है कि वह पूँछ (जम्मू-कश्मीर) से है और उसने डिग्री कॉलेज राजौरी से पढ़ाई की है।

इसके अलावा, जल्द ही शौकत अली के एकाउंट से जानकारी मिलती है कि वह जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) से भी पढ़ चुका है। शाहीन ने खुद को एक ‘वैज्ञानिक विचारक’ के रूप में वर्णित किया और लिखा है कि वह वर्तमान में दिल्ली में रह रहा है।

हालाँकि, हिन्दू विरोधी टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होते ही उसने अपना पेज निष्क्रिय कर दिया। शायद, हिंदू समुदाय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के बाद FIR की संभावना के कारण, शौकत ने तुरंत अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट या अस्थायी रूप से बंद कर दिया।

यह भी संभव है कि शौकत अली के फेसबुक एकाउंट पर हिंदू-घृणा से भरे हुए अन्य पोस्ट और टिप्पणियाँ भरे पड़े हों, जिस कारण उपरोक्त कमेंट्स को हटाने के बजाए अपने एकाउंट को ही पूरी तरह से गायब करने के लिए वह मजबूर हो गया होगा।

यह भी ध्यान देने की बात है कि हिन्दुओं के खिलाफ गो-मूत्र और गाय से संबंधितसमबन्धित कटाक्ष उसी भाषा की याद दिलाते हैं, जो पुलवामा में हुए फिदायीन आतंकी हमले से पहले उसके अभियुक्त आदिल अहमद डार ने इस्तेमाल की थी।

कॉन्ग्रेस की विचारधारा के मूल में है हिन्दू-घृणा

यह महज एक संयोग नहीं है कि शाहीन कथित तौर पर कॉन्ग्रेस पार्टी के छात्र संघ से जुड़ा हुआ है। कॉन्ग्रेस के नेता, लंबे समय से हिंदुओं के खिलाफ घृणा को बढ़ावा देते आए हैं और ऐसे बयानों को अपनी विचारधारा का आधार साबित करने का प्रयास किया है।

लगभग हर दूसरे दिन ऐसे मामले सामने आते हैं जिनमें कॉन्ग्रेस नेता या उनके सोशल मीडिया प्रभारी गो-मूत्र पर चुटकुले और तंज कसते नजर आते हैं।

हाल ही में, जब दुनिया कोरोना वायरस के खतरे से जूझ रही थी, महिला कॉन्ग्रेस की सोशल मीडिया समन्वयक, लावण्या बल्लाल ने एक ट्वीट में कटाक्ष करते हुए कहा था कि बाहर के लोग कोरोना वायरस का ‘इलाज’ बेच रहे हैं जबकि ‘भारत के पास गो-मूत्र’ है।

इसके अलावा, यह कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ही थे, जिन्होंने लश्कर की तुलना में ‘भगवा आतंक’ शब्द को स्थापित करने का प्रयास किया था। वहीं, पी चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे ने बिना किसी प्रमाण या कारण के हिंदुओं को आतंकवादी कहा था।

कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि हमारे देश के संसाधनों पर खास समुदाय का पहला अधिकार है। इन सबको यदि एक बार के लिए छोड़ भी दिया जाए तो कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने जिस तत्परता से हिन्दुओं को आतंकवादी साबित करने का प्रयास किया है, वह जगजाहिर है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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