Homeराजनीति'ये पत्थर की पूजा है': दुर्गा पूजा पंडाल में TMC सांसद नुसरत जहाँ के...

‘ये पत्थर की पूजा है’: दुर्गा पूजा पंडाल में TMC सांसद नुसरत जहाँ के नृत्य व पूजा करने पर भड़के इस्लामी कट्टरपंथी

सैयद ओमरान हुसैन ने उनकी तस्वीरों पर टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया, "पैसा, पावर और कुर्सी लोगों से क्या कुछ नहीं कराता!"

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद नुसरत जहाँ ने कोलकाता में दुर्गा पूजा में हिस्सा लिया। उन्होंने सुरुचि संघ दुर्गा पूजा पंडाल में जाकर माता का आशीर्वाद लिया। पश्चिम बंगाल के बसीरहाट से सांसद नुसरत जहाँ ने (शनिवार अक्टूबर 24, 2020) को दुर्गाष्टमी के मौके पर दुर्गा पूजा पंडाल में ‘ढाक’ की ताल पर नृत्य भी किया। वीडियो में उन्हें ‘ढाक’ बजाते हुए और झूमते हुए देखा जा सकता है। हालाँकि, इस्लामी कट्टरवादियों को उनके ऐसा करने से खासी चिढ़ हुई।

सैयद ओमरान हुसैन ने उनकी तस्वीरों पर टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया, “पैसा, पावर और कुर्सी लोगों से क्या कुछ नहीं कराता!” वहीं एक ट्विटर यूजर ने इसे ‘पत्थर की पूजा‘ करार दिया। वहीं कई लोगों ने उनकी तस्वीरों पर रिप्लाई देते हुए आशंका व्यक्त की कि अब फतवा आता ही होगा। नुसरत जहाँ इससे पहले भी माँ दुर्गा की वेशभूषा में तस्वीरें अपलोड करती रही हैं, जहाँ उन्हें इस्लामी कट्टरवादी गाली भी देते हैं।

इस्लामी कट्टरवादियों को नहीं पसंद आया नुसरत जहाँ का पूजा-पाठ करना

इससे पहले नुसरत जहाँ को सिन्दूर लगाने और परदे में न रहने के कारण भी इस्लामी कट्टरपंथियों की गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ा है। उनके फोटोशूट्स को लेकर उन्हें अक्सर धमकियाँ मिलती रहती हैं। उन्होंने 2019 में कारोबारी निखिल जैन से शादी की थी, जिसके बाद से उन्हें कई बार हिन्दू पर्व-त्योहारों में हिस्सा लेते हुए देखा गया है। सोशल मीडिया पर इसी कारण उन्हें धमकियाँ मिलती हैं।

इससे पहले सितंबर 17, 2020 को अभिनेत्री नुसरत जहाँ ने महालया के मौके पर इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वे देवी दुर्गा का रूप धारण किए हुए नजर आ रही थीं। मोहम्मद नटराज नाम के एक यूजर को उनकी पोशाक पसंद नहीं आई। उसने अपना गुस्सा दिखाते हुए लिखा था, “तुम मजहब के नाम पर एक धब्बा हो। हम ऐसी पोस्ट नहीं देखना चाहते हैं।” वहीं मोहिसुर ने पूछा,”क्या तुम जानते हो कि तुम क्या कर रही हो।” उन्हें मौत की धमकी भी मिली थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -