Saturday, July 20, 2024
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जानें कौन हैं 131 साल पुराने ‘राधा स्वामी सत्संग ब्यास’ के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों, जिनसे अमृतसर में मिले PM मोदी: हिमाचल में भी हैं अनुयायी

पीएम के इस मुलाकात का उद्देश्य राजनीतिक नहीं, आध्यात्मिक है बताया जा रहा है, क्योंकि राधा स्वामी सत्संग डेरा ने कभी भी किसी चुनाव में किसी पार्टी का समर्थन नहीं किया। हालाँकि, डेरा प्रमुख से मुलाकात उनके करोड़ों अनुयायियों के बीच एक संदेश का काम करती है।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव (Himachal Pradesh Assembly Election 2022) का ऐलान हो चुका है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अमृतसर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों (Baba Gurinder Singh Dhillon) से मुलाकात की।

बाबा गुरिंदर का पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी गहरा प्रभाव माना जाता है। पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे मुलाकात की थी। बाबा अपने लोक कल्याण के कामों के लिए भी जाने जाते हैं। बाबा का यह डेरा अमृतसर से 45 किलोमीटर दूर ब्यास शहर में स्थित है।

बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जिस राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख हैं, उसकी स्थापना सन 1891 में बाबा जयमल जी ने की थी। अमृतसर का राधा स्वामी सत्संग एक आध्यात्मिक केंद्र है। इसके पंजाब और हिमाचल नहीं, बल्कि देश और दुनिया में करोड़ों अनुयायी हैं। वर्तमान में दुनिया के 90 देशों तक डेरे का विस्तार है। पंजाब, हरियाणा एवं हिमाचल में भी राधा स्वामी सत्संग के अनुयायियों की कमी नहीं है।

कहा जाता है कि हिमाचल प्रदेश में इस पंथ के अनुयायियों की संख्या 5 लाख से अधिक है और ये प्रदेश के हर जिले में हैं। ऐसे में पंजाब और हरियाणा के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी इनका खासा प्रभाव देखने को मिलता है।

ब्यास डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का हमीरपुर जिले के भोटा में एक अस्पताल है। इसके अलावा शिमला समेत हर कोने में इसके सत्संग भवन भी मौजूद है। आजादी से पहले से यहाँ तब के डेरा प्रमुख बाबा सावन सिंह प्रचार के लिए पैदल आते थे। आजादी के बाद बाबा जगत सिंह, बाबा चरण सिंह और फिर गुरिंदर सिंह ढिल्लों यहाँ आते रहे हैं।

बाबा गुरिंदर सिंह का जन्म पंजाब के मोगा जिले में 1954 में हुआ था। इनकी शुरुआती शिक्षा हिमाचल प्रदेश में हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे पंजाब आए और पंजाब यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। बाबा गुरिंदर सिंह के 2 बेटे हैं- गुरुप्रीत सिंह ढिल्लों और गुरुकीरत सिंह ढिल्लों। बाबा का परिवार खेती-किसानी से जुड़ा रहा है।

बाबा गरिंदर सिंह बाबा गुरिंदर सिंह राधा स्वामी ब्यास के 5वे प्रमुख हैं और पिछले 32 सालों से डेरा प्रमुख की भूमिका निभा रहे हैं। इनसे पहले बाबा जैमल सिंह (1891-1903), महाराज सावन सिंह (1903-1948), महाराज जगत सिंह (1948-1951), महाराज चरण सिंह (1951-1990) डेरा प्रमुख रहे हैं। बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के बड़े लड़के गुरुप्रीत सिंह ढिल्लों रेलिगेयर हेल्थ ट्रस्ट के CEO हैं।

मुलाकात से पहले इससे पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार (4 अक्टूबर 2022) को ट्वीट किया था, “बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में आरएसएसबी कई सामुदायिक सेवा प्रयासों में सबसे आगे रहा है।”

पीएम के इस मुलाकात का उद्देश्य राजनीतिक नहीं, आध्यात्मिक है बताया जा रहा है, क्योंकि राधा स्वामी सत्संग डेरा ने कभी भी किसी चुनाव में किसी पार्टी का समर्थन नहीं किया। हालाँकि, डेरा प्रमुख से मुलाकात उनके करोड़ों अनुयायियों के बीच एक संदेश का काम करती है।

राधा स्वामी सत्संग ब्यास का दौरा करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर और सोलन में जनसभाओं को संबोधित करने का कार्यक्रम है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है और वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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