Thursday, July 18, 2024
Homeदेश-समाज'माँ गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, मैं काशी का हो गया हूँ':...

‘माँ गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, मैं काशी का हो गया हूँ’: 9 करोड़ किसानों के खाते में पहुँचे ₹20000 करोड़, 3 करोड़ बहनों को लखपति बनाने दिशा में कदम

"3 करोड़ बहनों को लखपति बनाने के तरफ भी बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। कृषि सखी के रूप में बहनों की नई भूमिका उन्हें सम्मान और आय के नए साधन दोनों सुनिश्चित करेगी।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से मंगलवार (18 जून, 2024) को ‘किसान सम्मान निधि’ की 17वीं क़िस्त जारी की, जिसके तहत 9.20 करोड़ किसानों के खाते में सीधे 20,000 करोड़ रुपए पहुँचे। ‘PM किसान सम्मान सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में 18वीं लोकसभा के लिए हुआ ये चुनाव भारत के लोकतंत्र की विशालता को, भारत के लोकतंत्र के सामर्थ्य को, भारत के लोकतंत्र की व्यापकता को, भारत के लोकतंत्र के जड़ों की गहराई को दुनिया के सामने पूरे सामर्थ्य के साथ प्रस्तुत करता है।

पीएम मोदी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ और माँ गंगा के आशीर्वाद से, काशीवासियों के असीम स्नेह से उन्हें तीसरी बार देश का प्रधान सेवक बनने का सौभाग्य मिला है। बकौल पीएम मोदी, काशी के लोगों ने उन्हें लगातार तीसरी बार अपना प्रतिनिधि चुनकर धन्य कर दिया है, अब तो माँ गंगा ने भी जैसे उन्हें गोद ले लिया है, वो यहीं के हो गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में देश के लोगों ने जो जनादेश दिया है, वो वाकई अभूतपूर्व है, इस जनादेश ने एक नया इतिहास रचा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में ऐसा बहुत कम ही देखा गया है कि कोई चुनी हुई सरकार लगातार तीसरी बार वापसी करे, लेकिन इस बार भारत की जनता ने ये भी करके दिखाया है। उन्होंने बताया कि ऐसा भारत में 60 साल पहले हुआ था। इसे एक बहुत बड़ी विजय और बहुत बड़ा विश्वास बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये उनके लिए एक पूँजी है। उन्होंने कहा कि जनता का ये विश्वास उन्हें लगातार सेवा के लिए, देश को नई ऊँचाई पर पहुँचाने के लिए कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने वादा किया कि वो दिन-रात ऐसे ही मेहनत करेंगे, जनता के सपनों और संकल्पों को पूरा करने के लिए हर प्रयास करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने किसान, नौजवान, नारीशक्ति और गरीब को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ माना है। PM ने बताया कि अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत उन्होंने इन्हीं के सशक्तिकरण से की है, सरकार बनते ही सबसे बड़ा किसान और गरीब परिवारों से जुड़ा फैसला लिया गया है। प्रधनमंत्री ने गिनाया कि देश में गरीब परिवारों के लिए 3 करोड़ नए घर बनाने हों या फिर पीएम किसान सम्मान निधि को आगे बढ़ाना हो – ये फैसले करोड़ों-करोड़ों लोगों की मदद करेंगे।

वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज 3 करोड़ बहनों को लखपति बनाने के तरफ भी बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। कृषि सखी के रूप में बहनों की नई भूमिका उन्हें सम्मान और आय के नए साधन दोनों सुनिश्चित करेगी। आज 30 हजार से अधिक सहायता समूहों को कृषि सखी के रूप में प्रमाण पत्र दिए गए हैं। अभी 12 राज्यों में ये योजना शुरू हुई है। आने वाले समय में पूरे देश में हजारों समूहों को इससे जोड़ा जाएगा। पिछले 10 वर्षों में काशी के किसानों के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार (पिछले 7 साल से राज्य सरकार को मौका मिला है) ने पूरे समर्पण भाव से काम किया है।”

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी काशी संस्कृति की राजधानी रही है, हमारी काशी ज्ञान की राजधानी रही है, हमारी काशी सर्वविद्या की राजधानी रही है। उन्होंने कहा कि इन सबके साथ-साथ काशी एक ऐसी नगरी बनी है, जिसने सारी दुनिया को ये दिखाया है कि हेरिटेज सिटी भी अर्बन डेवलमेंट का नया अध्याय लिख सकती है। उन्होंने ‘विकास भी और विरासत भी’ वाले मंत्र को काशी की पहचान बताया। लोकसभा चुनाव 2024 में नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से 1.52 लाख वोटों से जीत दर्ज की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

साथियों ने हाथ-पाँव पकड़ा, काज़िम अंसारी ने ताबतोड़ घोंपा चाकू… धराया VIP अध्यक्ष मुकेश सहनी के पिता का हत्यारा, रात के डेढ़ बजे घर...

घटना की रात काज़िम अंसारी ने 10-11 बजे के बीच रेकी भी की थी जो CCTV में कैद है। रात के करीब डेढ़ बजे ये लोग पीछे के दरवाजे से घर में घुसे।

प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण वाले बिल पर कॉन्ग्रेस सरकार का U-टर्न, वापस लिया फैसला: IT कंपनियों ने दी थी कर्नाटक छोड़ने की धमकी

सिद्धारमैया के फैसले का भारी विरोध भी हो रहा था, जिसकी वजह से कॉन्ग्रेसी सरकार बुरी तरह से घिर गई थी। यही नहीं, इस फैसले की जानकारी देने वाले ट्वीट को भी मुख्यमंत्री को डिलीट करना पड़ा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -