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लोन लेना अब आसान: ‘स्वामित्व योजना’ का शुभारम्भ, SMS से मिलेगा लिंक, इंटरनेट से डाउनलोड कीजिए ‘संपत्ति कार्ड’

पहले बैंक से कर्ज मिलने में कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। 'स्वामित्व योजना' के तहत बने प्रॉपर्टी कार्ड को दिखाकर, बैंकों से बहुत आसानी से कर्ज मिलना सुनिश्चित हुआ। इसके लिए SMS के जरिए...

ग्रामीण भारत में बदलाव के लिए बड़े सुधारों की ओर क़दम बढ़ाने के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (अक्टूबर 11, 2020) को ‘स्वामित्व योजना’ का शुभारम्भ करते हुए एक लाख भू-संपत्ति मालिकों को ‘संपत्ति कार्ड’ के वितरण का मार्ग प्रशस्त किया, जिसके बाद ये लोग इंटरनेट से ही इसे डाउनलोड कर सकेंगे। इसका लिंक ग्रामीणों को SMS से ही मिल जाएगा। इसके तहत 6 राज्यों के 763 गाँवों के लोग लाभान्वित होंगे।

इस योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ देने के लिए संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाना है। इसका क्रियान्वयन 4 वर्ष में क्रमबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसे 2020 से 2024 के बीच पूरा किया जाना है और देश के 6.62 लाख गाँवों को इसके तहत कवर किया जाएगा। इस योजना से भू-संपत्ति मालिक अपने संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ‘संपत्ति कार्ड’ को प्राप्त करने वाले 1 लाख लोगों को बधाई देते हुए कहा कि आज आपके पास एक अधिकार है, एक कानूनी दस्तावेज है कि आपका घर आपका ही है, आपका ही रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये योजना हमारे देश के गाँवों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने वाली है और साथ ही कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान में आज देश ने एक और बड़ा कदम उठा दिया है क्योंकि ‘स्वामित्व योजना’ गाँवों में रहने वाले हमारे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद करने वाली है।

बकौल पीएम नरेंद्र मोदी, जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है, जब संपत्ति पर अधिकार मिलता है तो नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है, निवेश के लिए नए रास्ते खुलते हैं, और बैंक से कर्ज आसानी से मिलता है, रोजगार-स्वरोजगार के रास्ते बनते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते रहे हैं कि जमीन और घर के मालिकाना हक की, देश के विकास में बड़ी भूमिका होती है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि गाँव के कितने ही नौजवान हैं, जो अपने दम पर कुछ करना चाहते हैं, लेकिन घर होते हुए भी उन्हें अपने घर के नाम पर बैंक से कर्ज मिलने में कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ‘स्वामित्व योजना’ के तहत बने प्रॉपर्टी कार्ड को दिखाकर, बैंकों से बहुत आसानी से कर्ज मिलना सुनिश्चित हुआ। उन्होंने भरोसा जताया कि बीते 6 सालों से हमारे पंचायती राज सिस्टम को सशक्त करने के लिए जो प्रयास चल रहे हैं, उनको भी स्वामित्व योजना मज़बूत करेगी।

अपनी सरकार के कामकाज पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में पुरानी कमी को दूर करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आज देश में बिना किसी भेदभाव, सबका विकास हो रहा है, पूरी पारदर्शिता के साथ सबको योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि 6 दशकों तक गाँव के करोड़ों लोग बैंक खातों, शौचालय, गैस कनेक्शन और घर से वंचित थे। इस दौरान पीएम मोदी ने जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख को भी याद किया।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यूरिया की नीमकोटिंग से जिनके गैर-कानूनी तौर तरीके बंद हो गए, दिक्कत उन्हें हो रही है। किसानों के बैंक खाते में सीधा पैसा पहुँचने से जिनको परेशानी हो रही है, वो आज बेचैन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे किसानों, पशुपालकों, मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से जिनकी काली कमाई का रास्ता बंद हो गया है, उनको आज समस्या हो रही है।

ज्ञात हो कि ‘स्वामित्व’ केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक योजना है। इसके बारे में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल, 2020 को घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ देने के लिए संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाना है। अलग-अलग राज्यों में संपत्ति कार्ड को अलग-अलग नाम दिए गए हैं। इसका इस्तेमाल लोन आदि के आवेदन समेत अन्य आर्थिक लाभ के लिए किया जा सकेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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