Tuesday, July 23, 2024
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‘योगी जी ने गुंडों को सही जगह पहुँचाया’: प्रयाग मातृ-शक्ति के संगम में बोले PM मोदी – बेटियों की शादी की उम्र बढ़ाने से कुछ लोगों को तकलीफ

प्रधानमंत्री आवास योजना को उन्होंने महिलाओं को बराबरी का हक़ दिलाने का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि इसके तहत जो घर दिए जा रहे हैं, वो प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं के ही नाम से बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 2 लाख महिलाओं को सम्बोधित किया और स्वयं सहायता समूहों (SSG) को 1000 करोड़ रुपए की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रयागराज हजारों सालों से हमारी मातृशक्ति की प्रतीक माँ गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम की धरती रही है और आज ये तीर्थ नगरी नारी-शक्ति के इतने अद्भुत संगम की भी साक्षी बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने, माताओं-बहनों-बेटियों ने ठान लिया है- अब वो पहले की सरकारों वाला दौर, वापस नहीं आने देंगी।

पीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने यूपी की महिलाओं को जो सुरक्षा दी है, जो सम्मान दिया है, उनकी गरिमा बढ़ाई है, वो अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि यूपी में विकास के लिए, महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए जो काम हुआ है, वो पूरा देश देख रहा है। साथ ही बताया कि उन्हें ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ की एक लाख से ज्यादा लाभार्थी बेटियों के खातों में करोड़ों रुपए ट्रांसफर करने का सौभाग्य मिला। ये योजना गाँव-गरीब के लिए, बेटियों के लिए भरोसे का बहुत बड़ा माध्यम बन रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि बेटियाँ कोख में ही ना मारी जाएँ, वो जन्म लें, इसके लिए हमने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के माध्यम से समाज की चेतना को जगाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि आज परिणाम ये है कि देश के अनेक राज्यों में बेटियों की संख्या में बहुत वृद्धि हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि हमने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, अस्पतालों में डिलिवरी और गर्भावस्था के दौरान पोषण पर विशेष ध्यान दिया। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत गर्भावस्था के दौरान 5 हज़ार रुपए महिलाओं के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं, ताकि वो उचित खान-पान का ध्यान रख सकें।

उन्होंने कहा, “स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालय बनने से, उज्जवला योजना के तहत गरीब से गरीब बहनों को गैस कनेक्शन की सुविधा मिलने से, घर में ही नल से जल आने से, बहनों के जीवन में सुविधा भी आ रही है और उनकी गरिमा में भी वृद्धि हुई है। दशकों तक ऐसी व्यवस्था रही कि घर और घर की संपत्ति को केवल पुरुषों का ही अधिकार समझा जाने लगा। घर है तो किसके नाम? पुरुषों के नाम। खेत है तो किसके नाम? पुरुषों के नाम। नौकरी, दुकान पर किसका हक? पुरुषों का।”

पीएम मोदी ने ख़ुशी जताई कि आज हमारी सरकार की योजनाएँ इस असमानता को भी दूर कर रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना को उन्होंने इसका सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि इसके तहत जो घर दिए जा रहे हैं, वो प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं के ही नाम से बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए, परिवार की आमदनी बढ़ाने के लिए जो योजनाएँ देश चला रहा है, उसमें भी महिलाओं को बराबर का भागीदार बनाया जा रहा है। मुद्रा योजना आज गाँव-गाँव में, गरीब परिवारों से भी नई-नई महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने कहा, “दीनदयाल अंत्योदय योजना के जरिए भी देश भर में महिलाओं को सेल्फ हेल्प ग्रुप्स और ग्रामीण संगठनों से जोड़ा जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूह की बहनों को तो मैं आत्मनिर्भर भारत अभियान की चैपिंयन मानता हूँ। ये स्वयं सहायता समूह, असल में राष्ट्र सहायता समूह हैं। बिना किसी भेदभाव, बिना किसी पक्षपात, डबल इंजन की सरकार, बेटियों के भविष्य को सशक्त करने के लिए निरंतर काम कर रही है। अभी कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक और फैसला किया है। पहले बेटों के लिए शादी की उम्र कानूनन 21 साल थी, लेकिन बेटियों के लिए ये उम्र 18 साल ही थी।”

पीएम मोदी ने कहा कि बेटियाँ भी चाहती थीं कि उन्हें उनकी पढ़ाई-लिखाई के लिए, आगे बढ़ने के लिए समय मिले, बराबर अवसर मिलें। इसलिए, बेटियों के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश ये फैसला बेटियों के लिए कर रहा है, लेकिन किसको इससे तकलीफ हो रही है, ये सब देख रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे 5 साल पहले यूपी की सड़कों पर माफियाराज था! यूपी की सत्ता में गुंडों की हनक हुआ करती थी! साथ ही पूछा कि इसका सबसे बड़ा भुक्तभोगी कौन था? मेरे यूपी की बहन बेटियाँ थीं। उन्हें सड़क पर निकलना मुश्किल हुआ करता था। स्कूल, कॉलेज जाना मुश्किल होता था।

पीएम मोदी ने कहा कि महिलाएँ कुछ कह नहीं सकती थीं, बोल नहीं सकती थीं। क्योंकि थाने गईं तो अपराधी, बलात्कारी की सिफ़ारिश में किसी का फोन आ जाता था। उन्होंने कहा कि योगी जी ने इन गुंडों को उनकी सही जगह पहुँचाया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि आज यूपी में सुरक्षा भी है, अधिकार भी हैं। आज यूपी में संभावनाएं भी हैं, व्यापार भी है। मुझे पूरा विश्वास है, जब हमारी माताओं बहनों का आशीर्वाद है, इस नई यूपी को कोई वापस अंधेरे में नहीं धकेल सकता।

प्रयागराज में लगा मातृ-शक्ति का संगम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) मंगलवार (21 दिसंबर, 2021) को प्रयागराज के दौर पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने 2 लाख महिलाओं को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह (SSG) की महिलाओं से संवाद किया और संस्था के बैंक खातों में 1000 करोड़ रुपए डाले, जिससे 16 लाख महिलाओं को मदद मिलेगी। बम्हरौली मैदान में पीएम मोदी का विशेष विमान उतरा, जहाँ से परेड मैदान पहुँच कर उन्होंने आत्मनिर्भर हो रही महिलाओं को सम्मानित किया।

इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने 202 टेक होम राशन प्लांट का भी शिलान्यास किया। ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के 1000 लाभार्थियों के खाते में भी 20 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। हर एक लाभार्थी को 15,000 रुपए मिले। ‘संगम पूजन’ कार्यक्रम के लिए भी पहले से ही तैयारी कर ली गई थी। महिलाओं को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने और उन्हें इसके लिए ज़रूरी कौशल, संसाधन एवं प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तहत 80,000 SSG को सामुदायिक निवेश फंड के अंतर्गत 1.10 लाख रुपए हर एक समूह को दिए गए। इसके अलावा 60,000 अन्य SSG को प्रति समूह 15,000 रुपए सरकार की तरफ से प्रदान किए गए। ‘प्रधानमंत्री सखी योजना’ के तहत 20 हजार सखियों के बैंक खातों में चार-चार हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। बता दें कि जमीनी स्तर पर वित्तीय (व्यापार अभिकर्ता) सेवाएँ देने का कार्य इन सखियों को सौंपा गया है।

इस दौरान पीएम मोदी ने महिलाओं के साथ संवाद भी किया और बीच में माहौल भावुक भी हो गया। महिलाओं की बातों को उन्होंने शांति से सुना। प्रयागराज में इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी का स्वागत किया। एक ‘बिजली सखी’ ने बताया कि 22 लाख बिजली का बिल उन्होंने जमा करवाया है, जिसका उन्हें कमीशन भी मिला। इन विशेष महिलाओं में 50772 सामुदायिक शौचालय केयर टेकर, 22210 समूह सखी, 6179 बैंक सखी, 54715 बीसी सखी, 8018 आजीविका सखी, 15434 विद्युत सखी, 4040 टेक होम राशन संचालिका, 79500 स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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