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बंगाल में हार का ठीकरा ममता बनर्जी पर फोड़ने को प्रशांत किशोर तैयार, कहा- नतीजों के लिए राजनीतिक दल खुद होते हैं जिम्मेदार

बता दें कि पिछले दिनों क्लबहाउस पर लुटियंस पत्रकारों के साथ प्रशांत किशोर की बातचीत वायरल हुई थी। इसमें उन्होंने माना था कि टीएमसी के आंतरिक सर्वे में भी बीजेपी जीत रही है।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के चुनावी प्रबंधन को देख रहे हैं। इसी बीच शनिवार (अप्रैल 10, 2021) को उनका ‘खान मार्किट’ के पत्रकारों से ‘क्लबहाउस’ एप पर बात करते हुए ऑडियो वायरल हुए, जिसमें उन्होंने मोदी लहर को स्वीकार किया था। एक तरह से ‘लुटियंस पत्रकारों’ के साथ संवाद में प्रशांत किशोर ने बंगाल में ममता बनर्जी की संभावित हार को कबूल किया।

‘क्लबहाउस’ प्रकरण से पिटी भद को बचाने के लिए प्रशांत किशोर ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। इसमें उनका साथ दिया ‘लिबरल गिरोह’ के जाने-माने पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने, जो फेक न्यूज़ फैलाने में माहिर हैं। राजदीप के साथ बातचीत में प्रशांत किशोर ने उलटा ममता बनर्जी और TMC को ही जिम्मेदार ठहरा दिया, अगर 2 मई को होने वाली मतगणना में उनकी हार होती है।

प्रशांत किशोर ने अब कहा है कि राजनीतिक दल अपनी आंतरिक मजबूती, नेतृत्व और अपने द्वारा किए और न किए गए कार्यों के कारण हारती तथा जीतती हैं। उन्होंने खुद के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके जैसे लोग सिर्फ हार या जीत के अंतर पर फर्क डालने के लिए होते हैं। इस पर राजदीप सरदेसाई ने उनसे सवाल पूछा कि क्या वो किसी हारती हुई लड़ाई को जीत में बदल सकते हैं या नहीं? इस पर PK ने जवाब दिया कि एकदम नहीं।

चुनावी रणनीतिकारों से कोई जादूगर की तरह कार्य करने की अपेक्षा नहीं करता है, लेकिन प्रशांत किशोर स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि पार्टियाँ खुद के कामों से हारती-जीतती हैं, न कि किसी रणनीतिकार की वजह से। हार या जीत के लिए पार्टियाँ खुद जिम्मेदार हैं। कुछ दिनों पहले वो ‘क्लबहाउस’ में भी स्वीकार कर चुके हैं कि TMC के आंतरिक सर्वे में भी भाजपा जीत रही है।

कुछ महीनों पहले प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए बयान को याद कीजिए। उन्होंने कहा था कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा दोहरे अंकों के आँकड़े को पार कर जाती है तो वो बतौर चुनावी रणनीतिकार अपने काम को छोड़ देंगे। प्रशांत किशोर को अब पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की चुनावी प्रचार अभियान के रणनीति की जिम्मेदारी भी सँभालनी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस बुरी तरह फेल हुई। तब प्रशांत पार्टी के ही साथ थे।

प्रशांत किशोर के साथ राजदीप सरदेसाई की बातचीत

प्रशांत किशोर को लेकर मीडिया में हाइप भी इसीलिए बनी थी, क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 2014 लोकसभा चुनाव में काम किया था। उन्होंने मीडिया के कुछ हिस्से को अपने साथ लेकर अपनी कंपनी की ब्रांडिंग शुरू की। लोगों का मानना है कि 2014 लोकसभा चुनाव में सारी रणनीति पीएम मोदी की थी और कमाल उनके चेहरे की लोकप्रियता का था। प्रशांत किशोर जैसों को तो बस कुछ टास्क दिए गए थे।

बता दें कि वायरल ऑडियो में ऑडियो में प्रशांत किशोर ने माना कि लोग मोदी को वोट कर रहे हैं। बंगाल की आबादी के 27% SC और मतुआ सभी भाजपा के लिए वोट कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, “भाजपा को मोदी और हिंदू फैक्टर के कारण वोट मिल रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी के बाहर निकलने या मेरे प्रवेश का चुनाव परिणामों पर कोई असर नहीं है। यहाँ 1 करोड़ से अधिक हिंदी भाषी लोग हैं और 27% अनुसूचित जाति हैं। ये सभी भाजपा के साथ खड़े हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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