Thursday, July 25, 2024
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जम्मू कश्मीर में राहुल गाँधी बारिश से ‘डरे’, भारत जोड़ो यात्रा में रेनकोट में आए नजर: लाल चौक पर तिरंगा लहराने से पहले ही काट चुके हैं कन्नी

पिछले दिनों जब कड़ाके की ठंड में भी केवल टीशर्ट पहनने की वजह राहुल गाँधी से पूछी गई थी, तो उनका जवाब था कि उनको ठंड से डर नहीं लगता।

कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शुक्रवार (20 जनवरी 2023) को राहुल गाँधी रेनकोट में नजर आए। जम्मू-कश्मीर के कठुआ के हतली मोड़ से कड़ी सुरक्षा के बीच निकली यात्रा से जब राहुल की तस्वीरें सामने आई तो शुरुआत में लोगों ने इसे जैकेट समझ लिया था। इसके कारण कई लोगों ने पूछा कि आखिर राहुल ने स्वेटर क्यों पहन लिया? क्या ‘कॉन्ग्रेस के तपस्वी’ को ठंड लगने लगी है।

इस सवाल के पूछे जाने की वजह भी खुद कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ही हैं। उनसे पिछले दिनों जब कड़ाके की ठंड में भी केवल टीशर्ट पहनने की वजह पूछी गई थी तो उनका जवाब था कि उनको ठंड से डर नहीं लगता इसलिए वे ठंड में बिना जैकेट चल रहे हैं। उनके मुताबिक सर्दी में गर्म कपड़े वो पहनते हैं ठंड से डरते हैं

बता दें कि राहुल ने अपनी यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर को कन्याकुमारी से एक टीशर्ट में आरंभ की थी। ठंड आने के बाद जब उनसे इस पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उन्हें कुछ लड़कियाँ मिलीं जिन्होंने स्वेटर तक नहीं पहना था, ऐसे में उन्होंने निर्णय लिया कि वो इस यात्रा में सिर्फ टीशर्ट में रहेंगे।

हालाँकि, शुक्रवार को जो कुछ दिखा उससे ऐसा लग रहा है कि राहुल गाँधी को ठंड से भले डर न लगे पर बारिश में भींगने से लगता है। यही कारण है कि इंटरनेट पर उनका वीडियो देख लोग बोल रहे हैं- ‘राहुल बाबा डर गए, डर गए।’

उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जम्मू कश्मीर तक पहुँच चुकी है। इस बाबत 30 जनवरी को श्रीनगर में एक कार्यक्रम भी है। लेकिन इस बीच राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस जो चर्चा में आए हैं उसकी एक वजह लाल चौक पर तिरंगा न फहराने का फैसला भी है।

राहुल अपनी इस यात्रा में लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराएँगे– यह जानकारी खुद कॉन्ग्रेस ने दी। अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी प्रभारी और पार्टी सांसद रजनी पाटिल ने मंगलवार को कहा था कि राहुल गाँधी 30 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराएँगे वह श्रीनगर में कॉन्ग्रेस मुख्यालय पर भारतीय तिरंगा झंडा फहराएँगे। रजनी पाटिल के अनुसार लाल चौक पर तिरंगा फहराना आरएसएस के एजेंडे का हिस्सा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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