Saturday, October 16, 2021
Homeदेश-समाजकेवल 900 मरे हैं, 6 साल में यह सबसे कम है: बच्चों की मौत...

केवल 900 मरे हैं, 6 साल में यह सबसे कम है: बच्चों की मौत पर अशोक गहलोत ने कहा- यह नई बात नहीं

"6 साल में सबसे कम मौतें हुई हैं। एक भी बच्चे की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन 1500, 1300 मौतें भी बीते सालों के दौरान हुई है। इस साल यह आँकड़ा 900 है। देश और राज्य के हरेक अस्पताल में रोज कुछ मौतें होती ही हैं।"

3 दिन की रेखा, 2 दिन की कांता, 1 दिन की नरगिस सहित 6 बच्चे कोटा के जेकेलोन अस्पताल में 23 दिसंबर को मर गए। अगले दिन यानी 24 दिसंबर को इसी अस्पताल में 1 दिन के तोली सहित 4 और बच्चों की मौत हो गई। दो दिन में 10 बच्चे और एक महीने में 77 बच्चों की मौत हो चुकी है। आपके लिए भले ये बच्चे हों, लेकिन राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार के लिए महज नंबर हैं। यकीन नहीं होता तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बातों पर गौर कर लें। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि राज्य के हर अस्पताल में रोजाना 3-4 मौतें होती हैं। यह कोई नई बात नहीं है। लगे हाथ उन्होंने यह भी दावा किया कि इस साल केवल 900 मौतें हुई हैं जो बीते 6 साल में सबसे कम है।

गहलोत ने इतनी असंवेदनशील बात तब कही जब पत्रकारों ने उनसे बच्चों की मौत की जिम्मेदारी को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा, “6 साल में सबसे कम मौतें हुई हैं। एक भी बच्चे की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन 1500, 1300 मौतें भी बीते सालों के दौरान हुई है। इस साल यह आँकड़ा 900 है। देश और राज्य के हरेक अस्पताल में रोज कुछ मौतें होती ही हैं। कदम उठाए जाएँगे।”

मुख्यमंत्री गहलोत के मुताबिक उन्होंने इस मामले में जाँच कराई है और एक्शन भी लिया जा रहा है। उनके मुताबिक अपनी सरकार के पिछले टर्म में भी उन्होंने अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर को लंबे अंतराल के बाद अपग्रेड करवाया था। इससे पहले शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ट्वीट कर बच्चों की असमय मौत की तरफ मुख्यमंत्री गहलोत का ध्यान खींचा था।

पत्रिका के कोटा संस्करण में प्रकाशित खबर

यहाँ बता दें कि मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया को कोटा पहुँचकर हालात देखने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद गालरिया ने वहाँ पहुँचकर जाँच कमेटी के साथ अपनी जाँच शुरू की और निरीक्षण करने के बाद अव्यवस्थाओं के लिए अधीक्षक डॉ. एच एल मीणा को जिम्मेदार मानते हुए पद से हटया गया। अब डॉ. सुरेश दुलारा इस अस्पताल के नए अधीक्षक होंगे।

आज भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी अस्पताल पहुँचकर हालात का जायजा लिया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के वहाँ न पहुँचने पर सवाल उठाए। लोगों ने कहा कि प्रियंका और राहुल गाँधी को कॉन्ग्रेस शासित प्रदेशों में हो रही इस तरह की घटनाएँ नजर नहीं आती।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शाहरुख के लिए लिबरल गिरोह ने पढ़ी दुआ… फिर भी हार गई KKR: CSK ने ‘मुस्लिम सुपरस्टार’ को हराया – नेटिजंस का रिएक्शन

IPL-2021 में CSK की जीत ने जाहिरतौर पर केकेआर फैन्स को निराश किया होगा। लेकिन उससे भी ज्यादा रोना आया होगा लिबरल गिरोह के सक्रिय सदस्यों को।

दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के बचाव में कूदा India Today, ‘सोर्स’ के नाम पर नया ‘भ्रमजाल’

SKM के नेता प्रदर्शन स्थल पर हुए दलित युवक की हत्या से खुद को अलग कर रहे हैं। इस बीच इंडिया टुडे ग्रुप अब उनके बचाव में सामने आया है। .

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
128,851FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe