Friday, December 3, 2021
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गहलोत के मंत्री ने कहा- मैं पायलट के साथ, 25 MLA साथ होने का दावा: BTP ने भी छोड़ा कॉन्ग्रेस सरकार का हाथ

गहलोत खेमे को अब भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) ने भी झटका दे दिया है। पार्टी ने ह्विप जारी कर अपने दोनों विधायकों को निर्देश दिया है कि फ्लोर टेस्ट (Floor Test) की स्थिति में वे हिस्सा नहीं लेंगे।

राजस्थान में सियासी संकट के बीच उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 102 विधायकों के समर्थन के दावे को ‘गलत’ बताया है। उन्होंने यह बातें समाचार चैनल आज तक से बातचीत में कही। उप मुख्यमंत्री ने कहा, “25 विधायक मेरे साथ बैठे हैं। हम विधायक दल की बैठक में भाग लेने के लिए जयपुर नहीं जा रहे हैं।”

पिछले कुछ दिनों से राजस्थान में उभरे राजनीतिक संकट के बीच, कॉन्ग्रेस के विधायक एक बार फिर से ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ में उलझते नजर आए। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद विधायकों बसों से जयपुर के फेयरमोंट होटल भेजा गया।

इससे पहले सचिन पायलट के करीबी सूत्रों ने कहा था, “अशोक गहलोत सरकार के पास संख्‍या-बल नहीं है जिसका वो दावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का गार्डन बहुमत साबित करने की जगह नहीं है, वो विधानसभा में होता है। अगर उन्‍होंने जो दावा किया है, उतने विधायक उनके पास हैं तो गिनती क्‍यों नहीं कराते हैं, उन्‍हें राज्यपाल के पास ले जाने के बजाय होटल क्‍यों ले जा रहे हैं?” वहीं राजस्थान सरकार के मंत्री रमेश मीणा ने कहा, “मैं सचिन पायलट के साथ हूँ।”

नम्बर गेम में उलझे गहलोत खेमे को अब भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) ने भी झटका दे दिया है। पार्टी ने ह्विप जारी कर अपने दोनों विधायकों को निर्देश दिया है कि फ्लोर टेस्ट (Floor Test) की स्थिति में वे हिस्सा नहीं लेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेशभाई सी वसावा ने साफ कहा है कि पार्टी के विधायक ना तो कॉन्ग्रेस और ना ही भाजपा के लिए वोट करेंगे। साथ ही ना तो अशोक गहलोत और ना ही सचिन पायलट को वोट देने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोनों विधायकों को ये भी चेतावनी दी है कि अगर पार्टी के ह्विप की अनदेखी की गई, तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि जिन बसों से विधायकों को जयपुर के होटल में भेजा जा रहा था, उसमें खुद मुख्यमंत्री भी शामिल थे। बस में सवार होते समय मंत्री ममता भूपेश ने कहा, “सब ठीक है।” इससे पहले राजस्थान कॉन्ग्रेस ने दावा किया था कि राज्यसभा चुनाव से पहले विधायकों को लुभाकर कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉन्ग्रेस को अपने विधायकों के टूटने का खतरा लग रहा है। इसलिए कॉन्ग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर के होटल में शिफ्ट कर दिया है।

इससे पहले सोमवार (जुलाई 13, 2020) को विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए सचिन पायलट नहीं पहुँचे। मुख्यमंत्री गहलोत के मीडिया सलाहकार ने बैठक में 107 विधायकों की मौजूदगी का दावा किया है।

इस बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, “कॉन्ग्रेस सरकार के बेहतरीन कार्यों व जनसेवा से घबराकर भाजपा के नेतृत्व वाली षड्यंत्रकारी ताकतों द्वारा कॉन्ग्रेस की राज्य सरकार को अस्थिर करने, विधायकों की खरीद-फरोख्त करने, पैसों का प्रलोभन दे निष्ठा खरीदने तथा धनबल व सत्ताबल का दुरुपयोग कर प्रजातंत्र की हत्या करने का प्रयास किया जा रहा है। दुर्भाग्य की बात यहै है कि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों की करारी हार के बावजूद भाजपा ने कोई सबक नहीं लिया और भ्रष्ट तरीकों से कॉन्ग्रेस सरकार को अस्थिर करने का फड्यंत्र बदस्तूर जारी है।”

Copy of the resolution passed in the Congress Legislature party meeting

प्रस्ताव में आगे कहा गया है, “कॉन्ग्रेस विधायक दल की यह बैठक कॉन्ग्रेस पार्टी व कॉन्ग्रेस सरकार को कमजोर करने वाले सभी अलोकतांत्रिक कुकृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा करती है व यह माँग करती है कि कॉन्ग्रेस का कोई पदाधिकारी या विधायक दल का कोई सदस्य अगर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में कॉन्ग्रेस सरकार या पार्टी विरोधी गतिविधि करता है यै ऐसे षड्यंत्र में संलिप्त है, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।”

बताया जा रहा है कि राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, अहमद पटेल, पी चिदंबरम और केसी वेणुगोपाल जैसे शीर्ष कॉन्ग्रेस नेता पिछले 72 घंटों से सचिन पायलट के संपर्क में हैं और पार्टी के दरवाजे ‘खुले’ रखे हैं। प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कॉन्ग्रेस पार्टी को एक ‘परिवार’ के रूप में संदर्भित करते हुए कहा कि परिवार में उत्पन्न होने वाले मुद्दों को परिवार के भीतर ही हल किया जाना चाहिए।

जब से कॉन्ग्रेस विधानमंडल की बैठक संपन्न हुई है, तब से राजस्थान में विधायकों के समर्थन को लेकर असमंजस की स्थिति है। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक 102 विधायक मीटिंग में शामिल हुए थे। वहीं स्वराज्य ने बताया कि मीटिंग में 18 कॉन्ग्रेस विधायक नदारद रहे। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि लगभग 100 विधायक मौजूद थे, जबकि कॉन्ग्रेस पार्टी के पास राज्य विधानसभा में 107 विधायक हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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