Homeराजनीतिपनौती PM मोदी की उत्तेजना के कारण भटका इसरो वैज्ञानिकों का ध्यान: सपा प्रवक्ता...

पनौती PM मोदी की उत्तेजना के कारण भटका इसरो वैज्ञानिकों का ध्यान: सपा प्रवक्ता IP सिंह

"नाटकबाज प्रधामंत्री की उत्तेजना से हमारे वैज्ञानिकों का ध्यान भटका होगा। जश्न तो सफलता मिलने के बाद मनाया जाता है। पूरी दुनिया भर में उपहास उड़ा होगा। पनौती बंगलौर भी पहुँच गए थे।"

विपक्षी दल के नेता किस कदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंध विरोध करने की मानसिकता से ग्रसित हैं इसकी झलक सपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने दिखाई है। उन्होंने चंद्रयान-2 के लैंडर से इसरो के संपर्क टूटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को ज़िम्मेदार ठहराया है। इसके लिए पीएम मोदी की किसी नीति पर सवाल खड़े करने की बजाय उन्हें ‘पनौती’ बता दिया।

सपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्विटर पर लिखा:

“नाटकबाज प्रधामंत्री की उत्तेजना से हमारे वैज्ञानिकों का ध्यान भटका होगा। जश्न तो सफलता मिलने के बाद मनाया जाता है। पूरी दुनिया भर में उपहास उड़ा होगा। ऐसा लगता है कि इसरो की स्थापना दो गुजरातियों ने मिल कर की थी। मीडिया को इतनी उत्तेजना नहीं फैलानी चाहिए थी। पनौती बंगलौर भी पहुँच गए थे।”

सपा प्रवक्ता की इस ट्वीट को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें जम कर लताड़ा। लोगों ने उनसे पूछा कि जब पूरा देश इसरो के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाने में लगा है, एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के प्रवक्ता द्वारा इस तरह का बयान देना अजीब है।

आईपी सिंह ने इससे पहले कहा था कि बेरोजगारी और भूखमरी से ध्यान हटाने के लिए भाजपा चंद्रयान-2 मिशन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी लोगों को जाग कर चंद्रयान-2 मिशन की लैंडिंग देखने को इसलिए बोल रहे हैं ताकि कोई आर्थिक तबाही के बारे में सवाल न पूछे। हालाँकि, उन्हीं की पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसरो के वैज्ञानिकों की सराहना की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -