Homeराजनीतिशरद पवार के जन्मदिन पर केक के लिए पटका-पटकी पर उतारू NCP के जुझारू...

शरद पवार के जन्मदिन पर केक के लिए पटका-पटकी पर उतारू NCP के जुझारू कार्यकर्ता, देखें पूरा वीडियो

वीडियो में पटका-पटकी का पूरा नज़ारा देखा जा सकता है। कैसे केक के टुकड़े के लिए एनसीपी कार्यकर्ता एक दूसरे को धक्का देते हैं, मुक्के चलाते हैं और एक दूसरे पर गिरने भी लगते हैं।

महाराष्ट्र के बीड़ में शनिवार (12 दिसंबर 2020) को राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) मुखिया शरद पवार का जन्मदिन मनाया जा रहा था। जन्मदिन उत्सव और उल्लास का अवसर होता है लेकिन एनसीपी के जुझारू कार्यकर्ताओं ने उपद्रव और उत्पात के अवसर में तब्दील कर दिया। जिस मंच पर केक काट कर जन्मदिन मनाया जाने वाला था वहाँ पर दंगे जैसे हालात पैदा हो गए। 

दरअसल, एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी सुप्रीमो शरद पवार के 80वें जन्मदिन के मौके पर समारोह आयोजित किया था। इस समारोह में केक भी काटा जाना था और इस मौके पर सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। केक कटने के ठीक बाद तमाम पार्टी कार्यकर्ता केक लेने के लिए उस मंच पर चढ़ गए। घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का छोटा सा वीडियो भी बनाया है। 

अपने ही साथियों के साथ धक्का-मुक्की

वीडियो में पटका-पटकी का पूरा नज़ारा देखा जा सकता है। कैसे केक के टुकड़े के लिए एनसीपी कार्यकर्ता एक दूसरे को धक्का देते हैं, मुक्के चलाते हैं और एक दूसरे पर गिरने भी लगते हैं। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि कुछ कार्यकर्ता तो केक के लिए मंच पर ही अपने साथियों को धक्का देकर गिरा देते हैं। कुछ लोग अपने एक या दोनों हाथों में केक लेकर भागते हुए भी नज़र आते हैं।

कल (12 दिसंबर 2020) पूर्व केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शरद पवार 80 वर्ष के हो गए। वर्तमान में शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी, महाराष्ट्र की सत्ताधारी ‘महाविकास अघाड़ी सेना’ गठबंधन सरकार का हिस्सा है। इसमें शिवसेना और कॉन्ग्रेस भी शामिल हैं। हाल ही में यह अफ़वाह सामने आई थी कि शरद पवार कॉन्ग्रेस मुखिया सोनिया गाँधी की जगह ले सकते हैं। हालाँकि बाद में एनसीपी ने इस तरह के सभी दावों को सिरे खारिज कर दिया था।        

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -