Monday, July 22, 2024
Homeराजनीतिशिवसेना के ट्विटर हैंडल पर अब भी उद्धव गुट का कब्ज़ा, नए चुनाव चिह्न...

शिवसेना के ट्विटर हैंडल पर अब भी उद्धव गुट का कब्ज़ा, नए चुनाव चिह्न के लिए दिए गए ये विकल्प: अब होंगे दो अलग दल, अलग-अलग नाम-चिह्न

शिवसेना का आधिकारिक ट्विटर हैंडल फिलहाल उद्धव गुट ही प्रयोग कर रहा है। '@ShivSena' नाम का ये हैंडल वेरिफाइड है, और इस पर लगभग 8.14 लाख फॉलोवर्स हैं।

चुनव आयोग द्वारा शिवसेना के चुनाव चिह्न धनुष-बाण को फ्रीज करने के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने दूसरे विकल्प खोजने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए उन्होंने त्रिशूल, सूर्य और मशाल जैसे विकल्प चुनाव आयोग को दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह गुट आने वाले अँधेरी उपचुनाव में ठाकरे गुट या असली शिवसेना नाम से मैदान में उतारा जा सकता है। अगली रणनीति बनाने के लिए ठाकरे गुट ने आज रविवार (9 अक्टूबर 2022) को एक मीटिंग बुलाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ठाकरे गुट अब ‘शिवसेना बालासाहेब ठाकरे’ दूसरे विकल्प के तौर पर ‘शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे’ और तीसरे विकल्प के तौर पर ‘शिवसेना प्रबोधन ठाकरे’ नाम से चुनावी मैदान में उतर सकता है। चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट से भी अपने समूह के 3 नाम और 3 ही चुनाव चिह्न देने के लिए कहा है। चुनाव आयोग अब दोनों गुटों के अलग-अलग नाम देते हुए उन्हें अलग-अलग चुनाव चिह्न बाँटेगा। इसके लिए चुनाव आयोग ने दोनों को मौजूद विकल्पों की लिस्ट भी सौंपी है।

शिवसेना का आधिकारिक ट्विटर हैंडल अभी भी उद्धव गुट के पास

गौरतलब है कि शिवसेना का आधिकारिक ट्विटर हैंडल फिलहाल उद्धव गुट ही प्रयोग कर रहा है। ‘@ShivSena’ नाम का ये हैंडल वेरिफाइड है, और इस पर लगभग 8.14 लाख फॉलोवर्स हैं। इस हैंडल की प्रोफ़ाइल फोटो में अभी भी तीर कमान का चित्र बना हुआ है और कवर पर उद्धव ठाकरे की फोटो लगी हुई है। 6 अक्टूबर 2022 को इस हैंडल से बाकायदा ट्वीट भी किया गया है जिसमें, किसी पर इशारा करते हुए आज के 50 हाथों वाला रावण बताया गया है।

गौरतलब है कि शिवसेना को तीर-कमान का सिंबल अक्टूबर 1989 में मिला था। इस स पहले शिवसेना रेल इंजन, नारियल पेड़, कप-प्लेट, ढाल-तलवार और मशाल जैसे निशानों पर चुनाव लड़ चुकी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केंद्र सरकार ने 4 साल में राज्यों को की ₹1.73 लाख करोड़ की मदद, फंड ना मिलने पर धरना देने वाली ममता सरकार को...

वित्त मंत्रालय ने बताया है कि केंद्र सरकार 2020-21 से लेकर 2023-24 तक राज्यों को ₹1.73 लाख करोड़ विशेष मदद योजना के तहत दे चुकी है।

जो बायडेन फिर से बने अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवार: ‘भूलने की बीमारी’ के कारण कर दिया था ट्वीट, सदमे में कमला हैरिस, 12 घंटे से...

जो बायडेन टेस्ट ले रहे थे कमला हैरिस का। वो भोकार पार-पार के, सर पटक कर रोने के बजाय खुश हो गईं। पिघलने के बजाय बायडेन को गुस्सा आ गया और...

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -