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स्कूली किताब में सोनिया गाँधी पर चैप्टर, पढ़ेंगे बच्चे? कॉन्ग्रेस ने CM को दिलाई ‘महान योगदान’ की याद, भेजी सिफारिश

"इस महान योगदान और प्रतिबद्धता के लिए सोनिया गाँधी को एक यादगार उपहार देना हम सभी की जिम्मेदारी है।" - ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी के प्रवक्ता डॉ श्रवण दसोजू ने मुख्यमंत्री को अनुरोध करते हुए...

कॉन्ग्रेस चाहती है कि मैडम सोनिया गाँधी के बारे में देश के बच्चे जानें-पढ़ें। नेहरू-इंदिरा को पढ़ने वाले बच्चे सोनिया गाँधी के बारे में नहीं जानेंगे तो उनका नुकसान होगा।

सोनिया गाँधी की जीवनी को बच्चों की किताब में शामिल करने को लेकर देश की सबसे पुरानी पार्टी बहुत सीरियस है। इतनी सीरियस कि वो तेलंगाना के मुख्यमंत्री से इसके लिए गुजारिश भी कर गए।

ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी (AICC) के प्रवक्ता डॉ श्रवण दसोजू ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से अनुरोध किया कि वे राज्य के स्कूल सिलेबस में उनकी जीवनी को शामिल करें। डॉ दसोजू ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि उन्होंने राज्य विधानसभा में एक आधिकारिक बयान दिया था, जिसमें कहा था – “सोनिया गाँधी के बिना तेलंगाना नहीं बनता।”

इसी को याद दिलाते हुए कॉन्ग्रेस प्रवक्ता डॉ श्रवण दसोजू ने कहा, “इस महान योगदान और प्रतिबद्धता के लिए सोनिया गाँधी को एक यादगार उपहार देना हम सभी की जिम्मेदारी है। तेलंगाना बनने का सपना सच हो चुका है, लेकिन 6 साल बाद भी राज्य सरकार ने बदले में कुछ नहीं किया।”

कॉन्ग्रेस में सोनिया गाँधी की भक्ति

9 दिसंबर 1946 को पैदा हुईं सोनिया गाँधी अब 74 वर्ष की हो गई हैं। कॉन्ग्रेस में उनकी भक्ति का आलम यह है लोग उन्हें देवी का रूप भी मान लेते हैं।

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता डॉक्टर टीके नवरात्रि के दौरान ‘देवी’ के रूप में सोनिया गाँधी की पूजा-अर्चना करते हैं। उन्हें कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पर उतना ही विश्वास है, जितना भगवान में। इतना ही नहीं उन्होंने यह तक क़सम खाई हुई है कि सोनिया गाँधी जब तक भारत का प्रधानमंत्री नहीं बन जातीं, तब तक वो अपना सिर मुंडवाए रखेंगे

और कुछ हैं जो सदा मैडम सोनिया जी के चरणों में पड़े रहना चाहते हैं!

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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