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‘राहुल गाँधी हाजिर हों’: जिस दिन बने नेता प्रतिपक्ष उसी दिन सुल्तानपुर की कोर्ट ने सुनाया आदेश, जमानत पर बाहर चल रहे पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष

इस याचिका का विरोध करते हुए पांडेय ने कहा कि राम प्रताप न तो इस मामले में पीड़ित है और न ही उसका इस मामले से कोई लेना-देना है। काशी प्रसाद शुक्ला इस केस में राहुल गाँधी के अधिवक्ता हैं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित अदालत ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। MP-MLA कोर्ट ने बुधवार (26 जून, 2024) को कहा कि 2 जुलाई से पहले राहुल गाँधी अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दाखिल किया गया है। वकील संतोष कुमार पांडेय ने ये शिकायत दर्ज कराई थी।

राम प्रताप नामक एक शख्स ने इस मामले में पार्टी बनने के लिए आवेदन दिया है। इस याचिका का विरोध करते हुए पांडेय ने कहा कि राम प्रताप न तो इस मामले में पीड़ित है और न ही उसका इस मामले से कोई लेना-देना है। काशी प्रसाद शुक्ला इस केस में राहुल गाँधी के अधिवक्ता हैं। उन्होंने भी इस याचिका का विरोध किया। हालाँकि, अदालत ने राम प्रताप के आग्रह को कबूल नहीं किया और राहुल गाँधी को व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया। ये मामला 2018 से ही चला आ रहा है।

भाजपा नेता विजय मिश्रा ने इस संबंध में शिकायत दायर की थी। वो जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी रहे हैं। इससे पहले फरवरी 2024 में राहुल गाँधी को अमेठी में अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ रोक कर कोर्ट में पेश होना पड़ा था, जहाँ से उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी। उसी समय से वो इस मामले में जमानत पर ही चल रहे हैं। 2 जुलाई को फिर इस मामले की सुनवाई होगी। मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं।

राहुल गाँधी इसी तरह मोदी सरनेम पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर के फँसे थे। गुजरात की जनता के खिलाफ उनकी टिप्पणी भी अदालत तक पहुँची थी। राहुल गाँधी को इसी दिन लोकसभा में भी नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी गई है। उन्होंने इस लोकसभा चुनाव में रायबरेली व वायनाड से जीत दर्ज की। उन्होंने वायनाड की सीट खाली कर दी है, जहाँ से अब उनकी बहन प्रियंका गाँधी लड़ेंगी। राहुल गाँधी का विवादों से पुराना नाता रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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