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‘…जो आजादी दलित-मुसलमानों को बराबरी दे, वो मुझे नहीं चाहिए’ : TMC नेता ने किया RSS के ‘गुरुजी’ को बदनाम, पोल खुलने पर भी ट्वीट डिलीट नहीं

कई अन्य ट्विटर यूजर्स ने कीर्ति आजाद को बताया कि यह कथन फेक है और ऐसी कोई टिप्पणी गोलवलकर द्वारा कभी नहीं की गई थी। हालाँकि, कीर्ति आजाद ने अब तक अपने ट्विटर अकाउंट से इस भ्रामक तस्वीर को डिलीट नहीं किया है।

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) नेता और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद (Kirti Azad) ने रविवार (16 अक्टूबर 2022) को ट्विटर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के द्वितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरुजी) की फोटो के साथ फेक कोट् शेयर किया था। जिसमें, कहा गया है कि गोलवलकर अंग्रेजों की गुलामी करने को तैयार थे। लेकिन, ऐसी आजादी नहीं चाहते थे जो दलित, पिछड़ों और मुस्लिमों को बराबरी के अधिकार दिलाए।

कीर्ति आजाद द्वारा शेयर की गई इस फोटो में किसी भी तरह से प्रमाणिकता का कोई भी उल्लेख नहीं है। इस फोटो को शेयर करते हुए कीर्ति आजाद ने पूछा है कि क्या यह सच है? उनके इस ट्वीट के बाद, कई ट्विटर यूजर्स ने बताया कि यह कथन गोलवलकर का नहीं है, और उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। ट्विटर यूजर ने एक ट्वीट शेयर करते हुए कहा कि गोलवलकर ने यह कभी नहीं कहा। उसने लिखा “यह सच नहीं है। अब चुप रहो और बैठ जाओ।”

एक अन्य ट्विटर यूजर सुशील अग्रवाल ने लिखा कि यह कथन किसी भी स्थिति में गोलवलकर का नहीं है। उन्होंने कीर्ति आजाद को जवाब देते हुए कहा, ” जिस पुस्तक का जिक्र फोटो में किया गया है उसे आरएसएस और गुरु जी ने अस्वीकार कर दिया था। इसलिए इसमें आरएसएस का आधिकारिक दृष्टिकोण शामिल नहीं है। इसके अलावा, इस पुस्तक की सामग्री भी संदिग्ध है। आरएसएस के विचारों की आधिकारिक किताब बंच ऑफ थॉट्स है।”

कई अन्य ट्विटर यूजर्स ने बताया कि यह कथन फेक है और ऐसी कोई टिप्पणी गोलवलकर द्वारा कभी नहीं की गई थी। हालाँकि, कीर्ति आजाद ने अब तक अपने ट्विटर अकाउंट से इस भ्रामक तस्वीर को डिलीट नहीं किया है।

यह पहली बार नहीं है जब टीएमसी नेता कीर्ति आजाद ने फेक खबर फैलाने की कोशिश की हो। आजाद ने इसी साल फरवरी में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश में भाजपा नेताओं पर हमले के बारे में झूठी खबर फैलाई थी। जिसके लिए, उन्हें सोशल मीडिया पर बुरी तरह से ट्रोल किया गया था।

कीर्ति आजाद की इस हरकत पर भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य डॉ अनिर्बान गांगुली ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बेटे कीर्ति आजाद को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अंतर न समझने को लेकर और झूठी खबर फैलाने को लेकर जमकर फटकार लगाई थी।

उन्होंने लिखा था, ” हाय कीर्ति, यह देखकर मज़ा आ रहा है कि आप, भागवत झा आजाद के बेटे पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के इलाकों के बीच अंतर नहीं कर पा रहे हैं। यह क्लिप उस समय की है जब 30 अप्रैल 2021 को चुनाव के दिन, टीएमसी द्वारा मुझ पर जिहादी हमला किया गया था।”

दरअसल, कीर्ति आज़ाद ने जिस वीडियो को शेयर करते हुए उत्तर प्रदेश का बताया था। वह वास्तव में पश्चिम बंगाल का था। जहाँ, 30 अप्रैल 2021 को बंगाल चुनाव के अंतिम दौर की मतदान प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल के बीरभूम के इलामबाजार में टीएमसी के गुंडों ने भाजपा नेता डॉ. अनिर्बान गांगुली के साथ मारपीट की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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