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‘कोलकाता से आदेश आने के बाद मेरे कार्यालय पर हमला’: TMC विधायक जितेंद्र तिवारी ने जिलाध्यक्ष पद भी छोड़ा

“कोलकाता से आए निर्देशों पर मेरे पद छोड़ने के एक घंटे बाद ही मेरे कार्यालय पर हमला कर दिया गया। अब मेरे लिए ये मुमकिन नहीं है कि मैं इनके साथ रहूँ। मैंने जिलाध्यक्ष (TMC) के पद से इस्तीफा दे दिया है।”

पश्चिम बंगाल के पांडवेश्वर से तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के विधायक जितेंद्र तिवारी ने दावा किया है कि आसनसोल नगर निगम के बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद उनके कार्यालय में तोड़फोड़ की गई है।

द पायनियर के अनुसार, तिवारी ने कहा, “कोलकाता से आए निर्देशों पर मेरे पद छोड़ने के एक घंटे बाद ही मेरे कार्यालय पर हमला कर दिया गया। अब मेरे लिए ये मुमकिन नहीं है कि मैं इनके साथ रहूँ। मैंने जिलाध्यक्ष (TMC) के पद से इस्तीफा दे दिया है।”

इससे कुछ देर पहले ही मीडिया खबरों में बताया गया था कि जितेंद्र तिवारी ने आसनसोल नगर निगम के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से 19 दिसंबर को उनके बीजेपी में शामिल होने के कयास लग रहे हैं।

इससे पहले उन्होंने राज्य सरकार को चेताते हुए कहा था,  “एक न एक दिन हमें निर्णय लेना ही होगा कि क्या करना है? मैंने सोच लिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं (पार्टी) छोड़ दूँगा, लेकिन लोगों के साथ बना रहूँगा।”

बता दें कि इससे पहले टीएमसी के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और अब तिवारी ने आसनसोल नगर निगम (AMC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद जिलाध्यक्ष पद को त्याग दिया है। शुभेंदु को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनुमान लगाया है कि वे भाजपा में शामिल होंगे। उनको लेकर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने भी यह घोषणा की है कि शुभेंदु पार्टी में शामिल होने वाले हैं। उनके कार्यालय में भी भगवा रंग से पुताई का काम भी शुरू हो गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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