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‘अगर CM योगी बंगाल आए तो वापस नहीं जाने देंगे’: ज्ञानवापी में पूजा पर TMC मंत्री सिद्दीकुल्लाह ने दी धमकी, कहा- मस्जिद खाली करो

सिद्दीकुल्लाह ने कहा, "अगर सीएम योगी बंगाल आए तो वो लोग उनको घेरकर वापस नहीं जाने देंगे। तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता ने यूपी सीएम को धमकी देने के साथ माँग की है कि ज्ञानवापी में हिंदुओं को पूजा न करने दिया जाए।"

वाराणसी के जिला कोर्ट द्वारा हिंदुओं को व्यास तहखाने में पूजा का अधिकार मिला तो कई लोग नाराज हो गए। इस लिस्ट में ममता बनर्जी के मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी का भी नाम है। उन्होंने हाल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धमकी दी है।

सिद्दीकुल्लाह ने एक रैली में कहा कि अगर सीएम योगी बंगाल आए तो वो लोग उनका घेराव करेंगे और उनको वापस नहीं जाने देंगे। तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता ने यूपी सीएम को धमकी देने के साथ माँग की है कि ज्ञानवापी में हिंदुओं को पूजा न करने दिया जाए।

उन्होंने कहा, “कोर्ट की मदद से ये लोग जबरदस्ती मस्जिद में पूजा कर रहे है। उनको (योगी आदित्यनाथ) अकल है या नहीं? अगर वो बंगाल आए तो हमारा संगठन उन्हें घेरेगा और उन्हें बंगाल से जाने नहीं दिया जाएगा। हमें ज्ञानवापी खाली चाहिए। हम तो किसी मंदिर में नहीं जाते इबादत करने। तो हमारी मस्जिदों में क्यों आ रहे हैं। मस्जिद तो मस्जिद है। ज्ञानवापी मस्जिद को खाली करें तुरंत।”

बंगाल में सिद्दीकुल्लाह ने यह बयान जमीयत उलेमा-ए-हिंद की एक सभा में दिया और कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद वहाँ पर 800 सालों से है वो कैसे उसे ध्वस्त कर सकते है।

ममता बनर्जी के मंत्री सिद्दीकुल्लाह के हिंदूविरोधी बयान

बता दें कि पहली बार ममता बनर्जी के मंत्री ने इस तरह हिंदूविरोधी बयान नहीं दिया। 2021 में इसी मंत्री ने कहा था बंगाल में गायों को कटने से कोई नहीं रोक सकता। टीएमसी मंत्री ने कहा था, “उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ यहाँ आए और कह गए कि अगर उनकी सरकार आई तो गौकशी नहीं होगी।”

इस पर उन्होंने कहा था, “गौकशी बंगाल में 1000-1200 सालों से होती आई है। हर कोई बीफ खाता है। मुस्लिम और अन्य भी। बीफ का वोट से क्या लेना देना। ये हिंदूवादी मानसिकता को बढ़ाने का प्रयास कर सकती है।” उन्होंने राम मंदिर फैसले पर भी कहा था कि इससे पीएम मोदी की छवि खराब होगी।

सिद्दीकुल्लाह वही व्यक्ति हैं जिन्होंने सितंबर 2018 में कुरान को संविधान से ऊपर बताते हुए तीन तलाक पर लगे प्रतिबंध के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। इसके अलावा वह ममता बनर्जी के उस कमेटी का भी हिस्सा थे जो टीएमसी ने सागरदिघि में करारी हार के बाद बनाई गई थी। इस कमेटी का उद्देश्य यही पता लगाना था कि जब ममता सरकार मुस्लिमों के लिए इतनी स्कीमें चला रही है तो फिर उन्हें वोट क्यों नहीं मिला।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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