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बतौर CM 20वीं बार अयोध्या पहुँचे योगी: संतों और अधिकारियों के साथ की बैठक, भूमिपूजन की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लोगों के साथ बैठक कर मंदिर-निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया। कारसेवकपुरम में उन्होंने साधु-संतों और पुजारियों के साथ बैठक की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम मंदिर भूमिपूजन की तैयारियों की समीक्षा करने शनिवार 25 जुलाई 2020 को अयोध्या पहुँचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी में हनुमान जी के दर्शन किए।

इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ 28 जून को अयोध्या पहुँचे थे। वो अपने हर दौरे पर भगवन राम के साथ-साथ हनुमानगढ़ी का दर्शन ज़रूर करते हैं। इस दौरान सीएम योगी ने राम मंदिर के नक़्शे को भी देखा।

राम मंदिर निर्माण-कार्य को पूरा करने के लिए जिन लोगों को लगाया गया है, उनके लिए मंदिर परिसर में ही अस्थायी टेंट लगाए गए हैं। उन्होंने जिले के तमाम आला-अधिकारियों के साथ राम मंदिर की तैयारियों की समीक्षा थी। इस दौरान मंदिर से जुड़े लोग ही मौजूद थे। अपने साथ छत्र व आसन लेकर आए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिन अवनीश अवस्थी के साथ पहुँच कर मंदिर के पुजारियों से बातचीत की।

ट्रस्टी चम्पत राय और मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र की मौजूदगी में उन्होंने रामलला की आरती की। कोरोना संक्रमण आपदा के बीच भूमि-पूजन कार्यक्रम में किन-किन सावधानियों का किस तरह से ख्याल रखा जाना है, इस सम्बन्ध में सीएम योगी ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कारसेवकपुरम में उन्होंने संतों के साथ भी बैठक की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लोगों के साथ बैठक कर मंदिर-निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया। कारसेवकपुरम में उन्होंने साधु-संतों और पुजारियों के साथ बैठक की। ‘अमर उजाला’ की ख़बर के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद ये 20वाँ मौक़ा था जब योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुँचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी में भी 85 सीढियाँ चढ़ने के बाद आरती व पूजा-अर्चना की।

सीएम योगी ने साधु-संतों के साथ हुई बैठक के दौरान बताया कि 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति वाले भूमिपूजन कार्यक्रम में सिर्फ 200 अतिथि ही शामिल हो सकते हैं, इसीलिए अगर किसी को निमंत्रण न मिले तो इसे प्रतिष्ठा का विषय न बनाया जाए। सीएम योगी ने कारसेवकपुरम में पत्थरों की तराशी का भी जायजा लिया। पूरे अयोध्या के लोग 5 अगस्त को दीप प्रज्ज्वलित कर इस मौके पर ख़ुशी मनाएँगे।

एक पुजारी ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान राम मंदिर निर्माण में कोई अड़चन न आए, इसके लिए सीएम योगी ने प्रार्थना की। उन्होंने संतों और अधिकारियों से फीडबैक लेकर कार्यक्रम को ऐसा बनाने पर चर्चा की, जिससे कुछ अलग हो और लोगों में अच्छे सन्देश जाए। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों का जायजा लिया था। इसमें सभी अधिकारी उपस्थित रहे थे।

बता दें कि राम मंदिर मे कुल 5 गुम्बद होंगे और मंदिर की ऊँचाई 161 फीट होगी। चंपत राय ने बताया था कि 3 वर्षों मे राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाने की उम्मीद है। अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन पर रोक लगाने वाली याचिका को भी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार (जुलाई 24, 2020) सुनवाई के बाद खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि याचिका केवल आशंकाओं पर आधारित है, इसमें तथ्य नहीं हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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