Homeराजनीतिजिंदा जलाने से पहले मृतकों को बुरी तरह पीटा गया था: पोस्टमार्टम में खुलासा,...

जिंदा जलाने से पहले मृतकों को बुरी तरह पीटा गया था: पोस्टमार्टम में खुलासा, ममता बनर्जी के दौरे पर बोली भाजपा- 900 चूहे खाकर दीदी हज को गईं

घटनास्थल पर ममता बनर्जी के स्वागत में तोरण द्वार लगाए गए थे। इसे देखकर सोशल मीडिया पर यूजर्स भड़क गए और कहा कि ममता में थोड़ी-बहुत भी शर्म बची होती तो स्वागत बोर्ड हटवा देतीं। घटनास्थल पर वह लोगों का दर्द बाँटने जा रही हैं, चुनाव प्रचार करने नहीं।

पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के बोगटुई गाँव में जिंदा जलाए गए 8 लोगों को मारने से पहले बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था। दो बच्चों और तीन महिलाओं सहित कुल 8 शवों के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। वहीं, आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इलाके के लोगों से जाकर मुलाकात की। इस पर भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सौ-सौ हत्याएँ कराकर दीदी हज को चलीं।

फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अपने प्रारंभिक निष्कर्ष में कहा है कि घरों में मिले शवों के परीक्षण में पता चला है कि पीड़ितों को पहले बुरी तरह पीटा गया था। उसके बाद उन्हें जिंदा जला दिया गया।

बवाल बढ़ने के बाद ममता बनर्जी घटनास्थल पर पहुँचकर कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान ममता बनर्जी के स्वागत में तोरण द्वार लगाए गए थे। इसे देखकर सोशल मीडिया पर यूजर्स भड़क गए। लोग वीडियो-फोटो शेयर कर कह रहे हैं कि ममता बनर्जी में थोड़ी-बहुत भी शर्म बची होती तो स्वागत बोर्ड हटवा देतीं। घटनास्थल पर वह लोगों का दर्द बाँटने जा रही हैं, चुनाव प्रचार करने नहीं।

ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “बंगाल के कुछ नेता निर्मम हत्याओं पर चादर ढंकने की कोशिश कर रहे हैं। वो कह रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट हो गया है, सिलेंडर ब्लास्ट हो गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ है कि महिलाओं और बच्चों को बर्बरतापूर्वक मारा-पीटा गया है। इतना सब होने के बावजूद सीएम ममता बनर्जी का बीरभूम जाना ठीक वैसा ही है, जैसे 900 चूहे खाकर मानो ‘दीदी’ हज को गई हों।”

इस नरसंहार को लेकर अब तक कम-से-कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सोमवार (20 मार्च 2022) को एक बम हमले में TMC नेता भादू शेख के मारे जाने की खबर आई, जिसके बाद उपद्रवी भड़क गए। आक्रोशित उपद्रवी भीड़ ने कई घरों को ध्वस्त कर दिया और जम कर लूटपाट की। कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया।

इस घटना पर बुधवार (23 मार्च) को प्रधानमंत्री ने मोदी ने कहा था, “मैं पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हुई हिंसक वारदात पर दुख व्यक्त करता हूँ, अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ। मैं आशा करता हूँ कि राज्य सरकार बंगाल की महान धरती पर ऐसा जघन्य पाप करने वालों को जरूर सजा दिलवाएगी।”

उन्होंने कहा, “मैं बंगाल के लोगों से भी आग्रह करूँगा कि ऐसी वारदात को अंजाम देने वालों को, ऐसे अपराधियों का हौसला बढ़ाने वालों को कभी माफ न करें। केंद्र सरकार की तरफ से मैं राज्य को इस बात के लिए आश्वस्त करता हूँ कि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने में जो भी मदद वो चाहेगी, उसे मुहैया कराई जाएगी।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -