Homeदेश-समाजबिहार: अब गया में पसरा चमकी बुखार का खौफ, 6 बच्चों की मौत

बिहार: अब गया में पसरा चमकी बुखार का खौफ, 6 बच्चों की मौत

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में 2 जुलाई के बाद से 22 बच्चे भर्ती किए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 14 बच्चों में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम के लक्षण पाए गए हैं

बिहार के मुजफ्फरपुर में 145 से अधिक मासूमों की मौत के बाद अब गया में ‘चमकी बुखार’ से 6 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। सभी मौतें जिले के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई हैं।
अस्पताल अधीक्षक वीके प्रसाद ने बताया कि 2 जुलाई के बाद से ये मामले सामने आए हैं। 6 बच्चों की मौत की उन्होंने पुष्टि की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दो जुलाई के बाद से अस्पताल में 22 बच्चे भर्ती किए गए हैं। इनमे से 14 में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी AES के लक्षण पाए गए हैं।

प्रसाद ने बताया, ” 2 जुलाई से अब तक अस्पताल में 22 मरीज भर्ती किए गए हैं। शुरुआती लक्षण AES के लग रहे हैं। लेकिन जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती मुकम्मल तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।”

बता दें मौसम में बदलाव के कारण मुजफ्फरपुर में AES के मामलों में कमी देखी गई है। लेकिन, गया में नए मामले सामने आने से प्रशासन सकते में है। बिहार में अब तक 180 से अधिक बच्चे चमकी बुखार के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ युवा, वहाँ PM मोदी… एक ही Reel से बना डाला रिकॉर्ड: मंत्रियों को संदेश- अब Insta करें इस्तेमाल, जानें- कैसे ‘फोटो शेयरिंग ऐप’...

इंस्टाग्राम युवाओं का सबसे पसंदीदा ठिकाना है। PM मोदी ने अपनी आवाज युवाओं तक इसके जरिए पहुँचाई। सभी मंत्रियों को भी यूज करने का निर्देश दिया।

आज से आरंभ हुआ चातुर्मास: 120 दिनों तक योगनिद्रा में रहेंगे भगवान विष्णु, शिव संभालेंगे सृष्टि का संचालन; जानें- इन महीनों में कैसा हो...

आज से शुरू चातुर्मास। विष्णु की योगनिद्रा तक शिव संभालेंगे सृष्टि का संचालन। जानें 120 दिनों का धार्मिक महत्व। माँगलिक कार्यों पर विराम।
- विज्ञापन -