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ड्रग्स केस में एक्टर एजाज खान को NCB ने लिया हिरासत में, जिसने कहा था- ‘भारतीय संविधान की जगह कुरान का करूँगा चयन’

एजाज पर ऐसा आरोप लगे हैं कि वो बटाटा गैंग का हिस्सा है। एनसीबी की टीम एजाज की अंधेरी और लोखंडवाला के कई ठिकानों पर छापेमारी भी कर रही है। साल 2018 में, एजाज खान को नवी मुंबई पुलिस ने एक ड्रग मामले में गिरफ्तार किया था।

ड्रग्स केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्रवाई जारी है। ड्रग्स केस में ड्रग पेडलर शादाब बटाटा की गिरफ्तारी के बाद एक्टर एजाज खान का नाम संज्ञान में आया था। ऐसे में आज (मार्च 30, 2021) एनसीबी ने एजाज खान को हिरासत में लिया है। एजाज खान राजस्थान से मुंबई लौटे, जिसके ठीक बाद एनसीबी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 

एजाज पर ऐसा आरोप लगे हैं कि वो बटाटा गैंग का हिस्सा है। एनसीबी की टीम एजाज की अंधेरी और लोखंडवाला के कई ठिकानों पर छापेमारी भी कर रही है। साल 2018 में, एजाज खान को नवी मुंबई पुलिस ने एक ड्रग मामले में गिरफ्तार किया था। उस वक्त एजाज खान के पास से करीब 1 लाख रुपए की MD ड्रग्स बरामद किया गया था। 

गौरतलब है कि एजाज खान को फेसबुक लाइव वीडियो में की गई सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए अप्रैल 2020 में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अपने फेसबुक लाइव वीडियो में एजाज खान ने कहा था, “अगर एक चींटी मर जाती है, तो एक मुसलमान जिम्मेदार होता है, अगर एक हाथी मर जाता है, तो एक मुसलमान जिम्मेदार होता है। अगर दिल्ली में भूकंप आता है, तो एक मुसलमान जिम्मेदार होता है, यानी किसी भी घटना के लिए मुसलमान जिम्मेदार होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस साजिश के लिए कौन जिम्मेदार है?”

उन्होंने यह कहते हुए विवाद को जन्म दिया था कि वह किसी भी समय भारतीय संविधान की जगह कुरान का चयन करेंगे। विवादास्पद अभिनेता को कॉन्ग्रेस नेता हार्दिक पटेल से भी समर्थन मिला था।

एक वीडियो में एजाज खान ने कहा था, “ये सारे पंडितों की पूरी गली को इतना मारो और इनको जेल में डालो। कौन से पंडित? ये दरिंदे हैं साले। बल्कि सारे हिंदुस्तान के पंडितों को इनको अंदर करवाना चाहिए। इन्होंने पंडितों का नाम भी खराब किया है। पंडितों की जाति का नाम खराब किया है। ब्राह्मणों की जाति का नाम खराब किया है। अब तो ऐसा हो गया है कि पंडित भी मॉब लिंचिंग कर रहे हैं। मतलब ब्राह्मण पंडित भी मॉब लिंचिंग में आ गए हैं। क्या बात है यार! कमाल हो गया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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