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नफरती नारों में AMU ने JNU को पछाड़ा, हिन्दुत्व के बाद मोदी और योगी की भी कब्र खोदी

सीएए, एनआरसी और जेएनयू हिंसा के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने आर्ट्स फैकल्टी से लेकर एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक तक रैली निकाली। इस दौरान "मोदी तेरी क़ब्र खुदेगी AMU की धरती पर", "योगी तेरी क़ब्र खुदेगी AMU की धरती पर" जैसे नारे लगे।

देश विरोधी और सांप्रदायिक उन्मादी नारों के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ मुस्लिम विश्वद्यिालय (AMU) रोज नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। इस मामले में उसने JNU को भी पीछे छोड़ दिया है। नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के विरोध के नाम पर बीते दिसंबर में AMU ने अपने नारों से देश को चौंका दिया था। प्रदर्शनकारी छात्रों ने “हिन्दुत्व की क़ब्र खुदेगी AMU की धरती पर” जैसे नारे लगाए थे।

AMU के इन नफरती नारों को लेकर देशभर में आक्रोश देखा गया। लेकिन इससे एएमयू के कथित उन्मादी छात्रों को कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा। गुरुवार (9 जनवरी) को AMU में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कब्र खुदने के नारे लगे। सोशल मीडिया पर नारेबाजी का यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि नागरिकता संशोधन क़ानून, एनआरसी, जेएनयू हिंसा के विरोध में पंक्तिबद्ध होकर चल रहे छात्र AMU की आर्ट्स फैकल्टी से लेकर एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक तक एक सुर में “मोदी तेरी क़ब्र खुदेगी AMU की धरती पर”, “योगी तेरी क़ब्र खुदेगी AMU की धरती पर” जैसे नारे लगा रहे हैं। देर शाम इस घटना पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने 50-60 छात्रों के ख़िलाफ़ धारा-153 ए के तहत मुक़दमा दर्ज किया है।

ख़बर के अनुसार, गुरुवार को CAA के विरोध में उन्मादी छात्रों की भीड़ जब स्टाफ़ क्लब से AMU गेस्ट हाउस नंबर एक की ओर बढ़ रही थी तभी उन्मादी छात्रों ने मोदी और योगी को लेकर आपत्तिजनक नारे लगाए। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। भड़काऊ नारेबाज़ी करने वालों से सख़्ती से निपटने की बात कही गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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