दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी गिरफ्तारी की है जिसने सबको हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर इस्लाम की आलोचना करने के लिए मशहूर और खुद को ‘Ex-Muslim’ बताने वाला यूट्यूबर सलीम वास्तिक असल में एक पुराना कातिल निकला। पुलिस ने उसे 31 साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में गाजियाबाद के लोनी से दबोचा है।
#WATCH | DCP crime branch Sanjeev Yadav says, "The Delhi Police Crime Branch received information yesterday that a man named Salim Khan, wanted in the 1995 murder case and kidnapping for ransom of a 13-year-old child, who had been sentenced to life imprisonment by a court, was… https://t.co/ve4TNOTzcN pic.twitter.com/iENsNuu119
— ANI (@ANI) April 25, 2026
13 साल के मासूम की हत्या और 30 हजार की फिरौती
यह मामला साल 1995 का है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक सीमेंट कारोबारी का 13 साल का बेटा संदीप बंसल स्कूल से घर नहीं लौटा। अगले दिन पिता के पास फोन आया और बच्चे की जान के बदले 30,000 रुपए की फिरौती माँगी गई।
जाँच के दौरान पुलिस का शक स्कूल के मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर सलीम खान पर गया। जब उसे पकड़ा गया, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सलीम की निशानदेही पर पुलिस ने मुस्तफाबाद के एक गंदे नाले से बच्चे की लाश बरामद की थी।
सजा हुई, जमानत मिली और फिर हो गया फरार
साल 1997 में अदालत ने सलीम खान और उसके साथी अनिल को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। करीब तीन साल जेल में रहने के बाद, साल 2000 में सलीम को दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई।
बाहर आते ही सलीम ने कानून की आँखों में धूल झोंकना शुरू कर दिया। वह जमानत की मियाद खत्म होने के बाद वापस जेल नहीं गया और फरार हो गया। साल 2011 में हाई कोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा, लेकिन तब तक सलीम गायब हो चुका था।
खुद को मृत घोषित कर बदली पहचान
पुलिस की पकड़ से बचने के लिए सलीम ने एक खतरनाक पैंतरा आजमाया। उसने कागजों में खुद को मृत घोषित करवा दिया ताकि पुलिस उसकी तलाश बंद कर दे। इसके बाद उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली।
उसने अपना नाम ‘सलीम अहमद’ और फिर ‘सलीम वास्तिक’ रख लिया। वह हरियाणा के करनाल और अंबाला जैसे शहरों में छिपकर रहने लगा और अलमारी बनाने का काम किया। आखिरकार वह गाजियाबाद के लोनी में आकर बस गया।
यूट्यूब की शोहरत और बॉलीवुड फिल्म का ऑफर
लोनी में रहते हुए सलीम ने यूट्यूब पर ‘Ex-Muslim सलीम वास्तिक’ के नाम से अपनी नई पहचान बनाई। वह इस्लाम पर अपने विवादित बयानों और कट्टरवाद के खिलाफ बोलने के कारण नेशनल सुर्खियों में आ गया।
‘Ex-Muslim सलीम वास्तिक’ की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि हाल ही में एक मशहूर बॉलीवुड फिल्म प्रोड्यूसर ने उसकी बायोग्राफी (जीवन कहानी) पर फिल्म बनाने के लिए उसे 15 लाख रुपए का एडवांस चेक भी दिया था।
पुलिस का जाल और फिंगरप्रिंट से खुला राज
सलीम वास्तिक को लगा था कि वह अपनी पुरानी पहचान दफन कर चुका है, लेकिन दिल्ली पुलिस की एंटी रॉबरी एंड सीरियस क्राइम (ARSC) टीम उस पर नजर रख रही थी। पुलिस ने कोर्ट के पुराने रिकॉर्ड निकाले और सलीम वास्तिक के फिंगरप्रिंट और पुरानी तस्वीरों का मिलान किया। जब यह पुष्टि हो गई कि ‘सलीम वास्तिक’ ही 1995 का कातिल ‘सलीम खान’ है, तो पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
क्या लगी हैं धाराएँ?
‘Ex-Muslim सलीम वास्तिक’ उर्फ सलीम खान पर दिल्ली के गोकुलपुरी थाने में एफआईआर नंबर 36/1995 दर्ज है। उस पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 363 (अपहरण), 364A (फिरौती के लिए अपहरण) और 34 (साझा इरादा) के तहत मामले चल रहे हैं।
करीब 25 साल तक फरार रहने और पहचान छिपाने के बाद अब उसे दोबारा जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद है।


