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500-600 की भीड़ ने तोड़ी दीवार, चुप रही पुलिस: बांग्लादेश के मंदिर को अब भी मिल रही धमकियाँ, PM मोदी से मदद की गुहार

मंदिर के स्वास्थ्य अधिकारी रसमणि केशवदास ने आरोप मढ़ा कि स्थानीय पुलिस ने मंदिर की तोड़फोड़ में उपद्रवियों को समर्थन दिखाया और मंदिर को बचाने से मना किया। अभी तक भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

बांग्लादेश के ढाका में इस्कॉन मंदिर पर हुए हमले के बाद मंदिर के स्वास्थ्य अधिकारी रसमणि केशवदास ने अपने देश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने जानकारी दी है कि दो दिन पहले सैंकड़ों की भीड़ द्वारा मंदिर पर हमला किए जाने के बाद पुलिस में शिकायत हुई थी और सुरक्षा हेतु कदम उठाते हुए 10 पुलिसकर्मियों की तैनाती भी हुई थी। लेकिन बावजूद इसके अब भी मंदिर को धमकियाँ आ रही हैं।

उन्होंने बताया कि इस कृत्य में कोई हाजी शफीउल्लाह नाम का व्यक्ति और उसी का एक आदमी अशरफ सूफी शामिल हैं। वह आरोप लगाते हैं कि ये लोग उनपर लंबे समय से मंदिर छोड़ने का दबाव बना रहे थे इसके लिए उन्हें पैसे भी ऑफर किए गए थे। लेकिन मंदिर से जुड़े अधिकारी कहते हैं कि ये उनका मंदिर है और वो इसे नहीं छोड़ेंगे।

स्थानीय पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

केशवदास ने आरोप मढ़ा कि स्थानीय पुलिस ने मंदिर की तोड़फोड़ में उपद्रवियों को समर्थन दिखाया और मंदिर को बचाने से मना किया। अभी तक भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस्कॉन मंदिर के स्वास्थ्य अधिकारी के ताजा बयान के अनुसार उन्होंने कहा,  “उस दिन इन दोनों (हाजी शफीउल्लाह और अशरफ सूफी) ने 500-600 के साथ मंदिर की दीवार तोड़ी। हमारे दो लोगों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्हें भी मारा गया। यही रवैया उनका पुलिस के सामने भी था।”

उन्होंने बताया कि मंदिर को लेकर धमकियाँ अब भी आ रही हैं। कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं है। दो लोग अस्पताल में भर्ती किए गए हैं जिनकी हालात में सुधार है। वहीं गुंडे अब भी मंदिर से जुड़े लोगों को मारने की धमकी दे रहे हैं। कुछ सुरक्षा मिली है पर फिर भी उनमें डर है। वह पीएम शेख हसीना और पीएम मोदी से मदद की अपील करते हैं।

बता दें कि गुरुवार को रात 8 बजे घटित इस घटना के कुछ समय बाद भारतीय सरकारी सूत्रों ने एएनआई को बताया कि वह ढाका में अधिकारियों के साथ, वरिष्ठ राजनेताओं के साथ और अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के साथ संपर्क में हैं। कोलकाता के इस्कॉन मंदिर के उपाध्यक्ष रामधरण दास ने इस घटना की निंदा की और कहा कि ये हमला काफी चिंताजनक है।

मंदिर अधिकारियों से ऑपइंडिया की बात

गौरतलब है कि बांग्लादेश (Bangladesh) की राजधानी ढाका के वारी इलाके में लालमोहन साहा स्ट्रीट पर स्थित इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple) पर मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने 17 मार्च (गुरुवार) हमला किया था। वीडियो में कट्टरपंथियों की भीड़ ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाह हु अकबर’ के उन्मादी नारे लगा रही थी। ऑपइंडिया ने जब इस संबंध में मंदिर के प्रशासनिक सदस्यों से बात की तो उन्होंने हमें बताया था, “इस मंदिर की जमीन पर चरमपंथियों की बहुत पहले से नजर है। इससे पहले भी उन्होंने यहाँ कब्जा करने का प्रयास किया है, जिसकी शिकायत हमने दर्ज करवाई थी। कल () शाम को उन्होंने मंदिर पर हमला कर के यहाँ लूटपाट की है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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