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अफगानिस्तान की मस्जिद में दोपहर की नमाज के दौरान धमाका: 16 की मौत, मृतकों में अधिकतर मदरसे में पढ़ने वाले छात्र

यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने अपने महीने भर के संघर्ष विराम को वापस ले लिया। टीटीपी ने अपने लड़ाकों के खिलाफ नए सैन्य अभियान को युद्धविराम की समाप्ति का कारण बताया।

अफगानिस्तान के एक मदरसे में नमाज के दौरान धमाका हुआ है। इस धमाके में 16 लोगों के मौत की खबर है। वहीं धमाके में 24 लोग घायल हुए हैं। बम धमाका उत्तरी अफगानिस्तान के समांगन प्रांत के मध्य में स्थित ऐबक शहर के जहदिया मदरसे में हुआ है। ऐबक समांगन प्रांत की राजधानी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में मरने और घायल होने वाले ज्यादातर पीड़ित मदरसा में पढ़ने वाले छात्र हैं। धमाका दोपहर की नमाज के दौरान हुआ। तालिबान के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि धमाके से मरने वाले 16 लोगों में 10 छात्र शामिल हैं।

फिलहाल किसी समूह या संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं विस्फोट में 26 लोग ज़ख्मी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस मदरसे में धमाका हुआ है वह हाल ही में बना था।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने अपने महीने भर के संघर्ष विराम को वापस ले लिया। टीटीपी ने अपने लड़ाकों के खिलाफ नए सैन्य अभियान को युद्धविराम की समाप्ति का कारण बताया। टीटीपी नेतृत्व के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले में उसके लड़ाकों के खिलाफ पाकिस्तानी आर्मी सैन्य अभियान चला रही है। संघर्ष विराम वापस लेने के बाद ही बलूचिस्तान प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के एक आत्मघाती हमलावर ने पोलियो टीम की सुरक्षा के लिए जा रहे पुलिसकर्मियों के ट्रक को निशाना बनाकर खुद को उड़ा लिया। इस आत्मघाती हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, और 23 अन्य घायल हो गए।

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले के बाद का दृश्य

हालाँकि, अफगानिस्तान में आए दिन इस तरह के धमाके होते रहते हैं। खासतौर पर तालिबान के नियंत्रण में आने के बाद से अफगानिस्तान इस तरह की घटनाओं में बढ़ोत्री हुई है। कुछ धमाकों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISKP) ने ली है। दो महीने पहले काबुल में भी गृह मंत्रालय के पास बनी मस्जिद में धमाका हुआ था। उस धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 25 लोग घायल हुए थे। यह हमला भी उसी वक्त हुआ जब मदरसे में नमाज पढ़ी जा रही थी। मंत्रालय का परिसर काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित है जो देश के सुरक्षित इलाकों में गिना जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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