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बलूच लड़ाकों ने पाकिस्तान पर बोला हमला, मंगोचार शहर पर कब्जा कर 39 ठिकानों पर किए हमले; CPEC हाइवे भी किया ब्लॉक: आजादी के जल्द ऐलान का दावा, भारत से की दूतावास खोलने की अपील

बलूच प्रतिनिधि मीर यार बलूच ने कहा कि 'पाकिस्तान का पतन नजदीक है' और जल्द ही बलूचिस्तान की आजादी की औपचारिक घोषणा हो सकती है। उन्होंने भारत से दिल्ली में बलूचिस्तान का आधिकारिक दूतावास खोलने और संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की माँग की है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच विद्रोहियों ने एक बार फिर तांडव मचाया है, जिसने पाकिस्तानी फौज और सुरक्षाबलों को हिलाकर रख दिया। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार (10 मई 2025) को दावा किया कि उसकी ‘फतेह स्क्वाड’ ने कालात जिले के मंगोचार शहर पर कब्जा कर लिया है। इस साहसिक ऑपरेशन में खजिनाई हाइवे को ब्लॉक किया गया और स्थानीय पुलिस कर्मियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

इस बीच, बलूच प्रतिनिधि मीर यार बलूच ने एक सनसनीखेज बयान में कहा कि ‘पाकिस्तान का पतन नजदीक है’ और जल्द ही बलूचिस्तान की आजादी की औपचारिक घोषणा हो सकती है। उन्होंने भारत से दिल्ली में बलूचिस्तान का आधिकारिक दूतावास खोलने और संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की माँग की है।

बलोच लड़ाकों ने पाकिस्तानी फौज को पहुँचाई भारी चोट

BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने बताया कि ये हमले बलूचिस्तान के 39 अलग-अलग ठिकानों पर किए गए, जिनमें पुलिस स्टेशन, हाइवे ब्लॉक, सैन्य काफिलों और सरकारी मुखबिरों को निशाना बनाया गया। ये ऑपरेशन बलूचिस्तान की प्राकृतिक संपदा के कथित दोहन और पाकिस्तानी फौज के दमन के खिलाफ BLA की रणनीति का हिस्सा हैं।

ये हमले तुरबत, केच, क्वेटा और पंजगुर जैसे प्रमुख शहरों में हुए। तुरबत के डी बलोच इलाके में ग्रेनेड हमले की खबरें हैं, जबकि केच के बुलेदा में भारी गोलीबारी और विस्फोटों ने इलाके को दहला दिया। क्वेटा के हजारगंजी और फैजाबाद में फौजी चौकियों पर ग्रेनेड से हमला किया गया।

पंजगुर के वाशबोद में विद्रोहियों ने CPEC हाइवे को बंद कर वाहनों की तलाशी ली और यात्रियों की पहचान जाँची। दो पुलिस वाहनों को जब्त कर हथियार कब्जे में लिए गए, जबकि एक पुलिस थाने और एक चेकपोस्ट को आग के हवाले कर दिया गया। हौशाब जिले में विद्रोहियों ने NADRA कार्यालय और लेविज स्टेशन को जला दिया और पूरे इलाके पर नियंत्रण कर लिया। इस दौरान 10 गैर-स्थानीय लोगों को बंधक बनाए जाने की भी खबर है।

स्वतंत्र बलूचिस्तान की घोषणा जल्द, भारत और UN से माँगी गई मदद

वहीं, मीर यार बलूच ने दावा किया कि जल्द ही स्वतंत्र बलूचिस्तान की अंतरिम सरकार की घोषणा होगी, जिसमें बलूच महिलाओं को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आजादी समारोह जल्द आयोजित होगा, जिसमें मित्र देशों के नेताओं को राष्ट्रीय परेड में शामिल होने का न्योता दिया गया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान की मुद्रा और पासपोर्ट छपाई के लिए अरबों रुपये की फंडिंग की भी माँग की।

मीर यार बलूच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि संयुक्त राष्ट्र तत्काल शांति मिशन भेजे और पाकिस्तानी फौज को बलूचिस्तान की जमीन, हवाई क्षेत्र और समुद्र से हटने का आदेश दे। उन्होंने गैर-बलूच सैन्य और प्रशासनिक कर्मियों को तुरंत प्रांत छोड़ने की चेतावनी दी।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से पता चला है कि सुरक्षाबल बैकफुट पर हैं।

न्यूज9लाइव की एक रिपोर्ट के अनुसार, BLA ने इन हमलों को बलूचिस्तान में पाकिस्तानी कब्जे के खिलाफ अपनी आजादी की लड़ाई का हिस्सा बताया है।

इंडिया टुडे ने बताया कि बलूच विद्रोही पाकिस्तानी फौज की कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं, खासकर तब जब पाकिस्तान भारत के साथ सीमा पर तनाव का सामना कर रहा है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि CPEC परियोजनाओं के खिलाफ बलूच विद्रोहियों का गुस्सा बढ़ रहा है, क्योंकि उनका मानना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये हमले पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। बलूच विद्रोहियों की बढ़ती सक्रियता और उनकी अंतरराष्ट्रीय अपील क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकती है। BLA का CPEC विरोध और आजादी की माँग पाकिस्तान के लिए आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ा रही है। BLA ने चेतावनी दी है कि अगर संसाधनों का दोहन और सैन्य दमन जारी रहा, तो और हमले होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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