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जस्टिन ट्रूडो को आखिरकार माँगनी पड़ी माफी, कहा- यह बड़ी गलती थी, इसने कनाडा को बहुत शर्मिंदा किया

इस विवाद के बाद कनाडा की संसद के अध्यक्ष एंथनी रोटा को भी इस्तीफा देना पड़ा था। विवाद का ठीकरा रोटा पर फोड़ते हुए ट्रूडो ने कहा कि यह एक भारी गलती थी। इसने संसद और कनाडा को बहुत शर्मिंदा किया है।

खालिस्तानी आतंकियों का हमदर्द बन भारत के साथ रिश्तों में तल्खी लाने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को नाजी सैनिक को सम्मानित करने के लिए माफी माँगनी पड़ी है। इस विवाद के बाद कनाडा की संसद के अध्यक्ष एंथनी रोटा को भी इस्तीफा देना पड़ा था। विवाद का ठीकरा रोटा पर फोड़ते हुए ट्रूडो ने कहा कि यह एक भारी गलती थी। इसने संसद और कनाडा को बहुत शर्मिंदा किया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो ने बुधवार (27 सितंबर 2023) को हाउस ऑफ कॉमन्स में प्रवेश करने से पहले कहा, “हम सभी जो शुक्रवार को सदन में थे, हमें खड़े होकर तालियाँ बजाने पर गहरा अफसोस है, भले ही हम इसके बारे (नाजी सैनिक यारोस्लाव हुंका) में अनजान थे।” उन्होंने कहा, “यह यहूदी नरसंहार (होलोकॉस्ट) में मारे गए लाखों लोगों की यादों का एक भयानक अपमान था और यहूदी लोगों के लिए बेहद दर्दनाक था।”

उन्होंने ये भी कहा, “यह सोचना बेहद परेशान करने वाला है कि यूक्रेन जिस मकसद से जंग लड़ रहा है, उसका गलत तरह से प्रचार किया जा रहा है। रूस और उसके समर्थक इस गंभीर गलती (यारोस्लाव हुंका को सम्मान देना) का राजनीतिकरण कर रहे हैं।”

दरअसल यूक्रेन के राष्ट्रपति ने शुक्रवार (22 सितंबर) को कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स में भाषण दिया था। इसके बाद स्पीकर एंथनी रोटा ने वहाँ मौजूद यारोस्लाव हुंका की तरफ सब का ध्यान दिलाया था। इस पर कनाडाई सांसदों ने 98 साल के यारोस्लाव हुंका का खड़े होकर दो बार अभिनंदन किया।

इस दौरान हुंका को द्वितीय विश्वयुद्ध में फर्स्ट यूक्रेनी डिवीजन के लिए लड़ने वाले एक युद्ध नायक के तौर पर पेश किया गया था। वे फर्स्ट यूक्रेनी डिवीजन को वेफेन-एसएस गैलिसिया डिवीजन या एसएस 14वें वेफेन डिवीजन में तैनात थे। ये एक स्वैच्छिक इकाई थी जो नाजियों की कमान के अधीन थी।

हुंका के सम्मान पर रूस की गंभीर प्रतिक्रिया के बाद हाउस ऑफ कॉमन्स के पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद सदन के स्पीकर एंथनी रोटा ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था। हाउस में सरकार की नेता करीना गोल्ड ने कहा कि रोटा ने सरकार या यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल को सूचना दिए बगैर हुंका को आमंत्रित किया और मान्यता दी। इस मामले में पूरी तरह से तत्परता न बरत कर रोटा ने सांसदों का विश्वास तोड़ दिया है।

इससे पहले रविवार (24 सितंबर) को रोटा ने कहा कि हुंका को आमंत्रित करने और पहचानने के लिए वह अकेले जिम्मेदार थे। दरअसल हुंका उसी जिले से हैं, जिसका प्रतिनिधित्व रोटा करते हैं। स्पीकर कार्यालय के मुताबिक, हुंका के बेटे ने रोटा के स्थानीय कार्यालय में यह पता करने के लिए संपर्क किया था कि क्या यह संभव है कि उनके पिता यूक्रेनी राष्ट्रपति के भाषण में शामिल हो सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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