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सबूत नहीं फिर भी वाशिंगटन पोस्ट से की भारत की चुगली, दबाव बनाने को घसीटा अमित शाह का नाम: कनाडा की NSA और ट्रूडो के उप विदेश मंत्री ने कैमरे पर कबूली कारस्तानी

डेविड मॉरिसन ने कबूल किया कि उन्होंने ही द वाशिंगटन पोस्ट से निज्जर समेत बाकी खालिस्तानियों की हत्याओं में गृह मंत्री अमित शाह का नाम जोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जब एक पत्रकार ने उनसे फोन करके अमित शाह का नाम लिया तो उन्होंने इस पर हामी भर दी।

कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और उप विदेश मंत्री ने निज्जर मामले में खुफिया जानकारी लीक करने की बात कबूली है। इन दोनों ने यह जानकारी अमेरिकी अखबार द वाशिंगटन पोस्ट को लीक की थी। इन्होने भारत के गृह मंत्री अमित शाह का नाम खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जोड़ा था।

मंगलवार (29 अक्टूबर, 2024) को कनाडा में विदेशी दखल की जाँच करने वाली कमिटी के सामने दोनों ने यह बात कबूल की है। इस कमिटी के सामने कनाडा की NSA नताली द्रूइन ने कबूला कि उन्होंने कई मीडिया संस्थानों को भारत सरकार के निज्जर की हत्या में शामिल होने के आरोप वाली खुफिया जानकारी साझा की।

नथाली ने कहा कि मीडिया संस्थान को यह गोपनीय जानकारी लीक करना, असल में एक रणनीतिक निर्णय था। उन्होंने कहा कि इससे वह कनाडा का पक्ष अमेरिकी अखबार के माध्यम से सामने रखना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि उनकी यह तथाकथित रणनीति ट्रूडो की जानकारी में थी। उन्होंने यह जानकारी लीक करने की तारीख 14 अक्टूबर बताई है।

नथाली ने इस दौरान लगातार दावा किया कि उन्होंने जो जानकारी मीडिया को लीक कर दी, वह खुफिया नहीं थी। उनके साथ ही कनाडा के उप विदेश मंत्री डेविड मॉरिसन ने भी जानकारी लीक करने कि बात कबूल की है।

डेविड मॉरिसन ने कबूल किया कि उन्होंने ही द वाशिंगटन पोस्ट से निज्जर समेत बाकी खालिस्तानियों की हत्याओं में गृह मंत्री अमित शाह का नाम जोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जब एक पत्रकार ने उनसे फोन करके अमित शाह का नाम लिया तो उन्होंने इस पर हामी भर दी।

द वाशिंगटन पोस्ट ने इससे पहले कनाडा के हवाले से कहा था कि भारत में बैठे एक वरिष्ठ अधिकारी ने कनाडा में खालिस्तानियों की हत्या का आदेश दिया। इसके बाद वाशिंगटन पोस्ट ने अमित शाह का नाम लिया था। गृह मंत्री अमित शाह का नाम कहाँ से आया अब इसकी पुष्टि भी हो गई है।

मॉरिसन और नथाली की बातों से स्पष्ट हुआ है कि उन्होंने ही अमित शाह का नाम इसमें घसीटा ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके। यह सारी जानकारी भारत और कनाडा के बीच सिंगापुर में मीटिंग के पहले लीक की गई। इन दोनों के बयानों पर अभी भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।

कनाडा के सांसदों ने यह जानकारी लीक करने को लेकर मॉरिसन और नथाली को जम कर लताड़ा है। कमिटी ने कहा है कि आखिर इन दोनों ने कनाडाई जनता को यह जानकारी देने के बजाय एक अमेरिकी अखबार से साझा की।

गौरतलब है कि इससे पहले इसी कमिटी के सामने कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारत के शामिल होने के संबंध में कोई भी सबूत ना होने की बात कही थी। इसके बाद भारत ने उन्हें लताड़ा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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