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जब चीन में थी वन चाइल्ड पॉलिसी, तभी एक ‘अविवाहित दंपती’ ने कर लिए 15 बच्चे (4 लड़के+11 लड़की); खुलासे के बाद 11 अफसरों को सजा

अगर यह कपल वन चाइल्ड पॉलिसी के खत्म होने से पहले पकड़ा जाता तो इस मामले में उन्हें भी सजा का सामना करना पड़ सकता था।

चीन से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक अविवाहित दंपति के 15 बच्चे हैं। इन बच्चों का जन्म तब हुआ जब चीन में वन चाइल्ड पॉलिसी लागू था। इस मामले के सामने आने के बाद 11 अधिकारियों को सजा सुनाई गई है। मामला दक्षिणी चीन के गुआंग्शी ज़ुआंग (Guangxi Zhuang) का है।

चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, स्थानीय अधिकारियों ने रविवार (20 मार्च 2022) को जाँच में पाया कि 76 वर्षीय लियांग (Liang) और उनकी 46 वर्षीय पार्टनर लू हॉन्गलेन (Lu Honglan) के 15 बच्चे हैं। लू ने वर्ष 1995 से 2016 के बीच 4 लड़कों और 11 लड़कियों को जन्म दिया। रिपोर्ट के अनुसार लियांग और हॉन्गलेन की मुलाकात वर्ष 1994 में गुआंग्डोंग में हुई थी। इसके बाद दोनों ने अनौपचारिक शादी की। कपल ने अपनी शादी रजिस्टर्ड नहीं कराई और वर्ष 2015 से 2019 तक गरीबों को मिलने वाली सब्सिडी भी लेते रहे।

चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय द्वारा 1 मार्च 2022 को महिलाओं और बच्चों की मानव तस्करी के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू करने के बाद यह कपल सुर्खियों में आया। गुआंग्शी के रोंग काउंटी में इनकी जानकारी मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने मामले की जाँच शुरू की, जिसमें फैमिली प्लानिंग स्टेशन के कुल 11 अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने काम में लापरवाही का दोषी पाते हुए सजा दी गई। बताया जा रहा है कि इसमें रोंग काउंटी में लिकुन शहर के प्रमुख और स्थानीय फैमिली प्लानिंग स्टेशन के डायरेक्टर भी शामिल हैं। मालूम हो कि चीन में पूर्वी जिआंगसु प्रांत के फेंग काउंटी के हुआनकोउ गाँव में 8 लोगों को जंजीर से जकड़े हुए पाया गया था, जिसके बाद वहाँ की सरकार ने मानव तस्करी के खिलाफ अभियान शुरू किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले लियांग वर्ष 2016 में अपने से 30 साल छोटी महिला से शादी करने को लेकर चर्चा में आए थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि लियांग की पत्नी लू ने ज्यादातर बच्चों को घर पर ही जन्म दिया है। बता दें कि अगर यह कपल वन चाइल्ड पॉलिसी के खत्म होने से पहले पकड़ा जाता तो इस मामले में उन्हें भी सजा का सामना करना पड़ सकता था। चीन में वर्ष 2015 में इस पॉलिसी को बदलकर टू चाइल्ड किया गया। इसके बाद चीन की सरकार ने 21 जुलाई, 2021 को टू चाइल्ड पॉलिसी में भी बदलाव करते हुए इससे जुड़े दंड के प्रावधान को खत्म कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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