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‘PM मोदी बदलावों के मुखिया’: ओबामा ने कहा- ‘गरीबी से प्रधानमंत्री पद तक उनकी यात्रा भारत की गतिशीलता का प्रतीक’

“अपने बचपन में नरेन्द्र मोदी अपने परिवार की मदद करने के लिए अपने पिता के साथ चाय बेचते थे। आज वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता हैं, गरीबी से प्रधानमंत्री पद तक उनकी यात्रा भारत की गतिशीलता और क्षमता दर्शाती है।”

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ (A promised Land) में राहुल गाँधी पर टिप्पणी की थी। टिप्पणी आम जनता के लिए हास्यास्पद और माननीय राहुल गाँधी के लिए चिंतनीय थी, उन्होंने अपनी टिप्पणी में राहुल गाँधी को घबराया हुआ और अनगढ़ (unformed) छात्र बताया था जिसमें योग्यता की कमी है। इसके अलावा बराक ओबामा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भारत के ‘बदलावों का मुखिया’ (reformer-in-chief) बताया था। इसके अलावा बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कई बातें कही थीं। 

साल 2015 के दौरान अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति बराक ओबामा ने टाइम मैगजीन से इस मुद्दे पर बात की थी। ओबामा ने कहा था, “अपने बचपन में नरेन्द्र मोदी अपने परिवार की मदद करने के लिए अपने पिता के साथ चाय बेचते थे। आज वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता हैं, गरीबी से प्रधानमंत्री पद तक उनकी यात्रा भारत की गतिशीलता और क्षमता दर्शाती है।” इसके अलावा बराक ओबामा ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की मदद करने को लेकर समर्पित थे, जिससे लोग उनके बताए रास्ते का पालन करें। 

बराक ओबामा ने कहा, “नरेन्द्र मोदी ने गरीबी मिटाने, शिक्षा व्यवस्था सुधारने, लड़कियों-महिलाओं सशक्त करने और जलवायु परिवर्तन का सामना करते हुए भारत की आर्थिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए महत्वाकांक्षी नज़रिया पेश किया। जैसी भारत की मूल अवधारणा है वैसे ही उन्होंने प्राचीन और आधुनिक मूल्यों को समानांतर रूप से ऊपर उठाया।” बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री मोदी को योग प्रेमी बताया, भारत के लोगों को ट्विटर से जोड़ा और ‘डिजिटल इंडिया’ की नींव रखी।

प्रधानमंत्री की वाशिंगटन यात्रा को याद करते हुए बराक ओबामा ने कहा कि मोदी और वो एक साथ मार्टिन लूथर किंग स्मारक गए थे जिसमें मार्टिन लूथर और महात्मा गाँधी की शिक्षा झलकती है। किस तरह पृष्ठभूमि और आस्था की विविधता उनके देशों (भारत और अमेरिका) के लिए एक ताकत जैसी थी जिसकी उन्हें हमेशा रक्षा करनी थी। फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात पहचानी, भारत में एक साथ रहने और जीवनयापन करने वाले 100 करोड़ से अधिक लोग पूरी दुनिया के लिए रोल मॉडल बन सकते हैं।                 

44वें अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी किताब ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ (A promised Land) में राहुल गाँधी और भारत के पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह पर निशाना साधा था। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक पुस्तक की समीक्षा के अनुसार, ओबामा ने वायनाड के सांसद राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा था, “उनमें एक ऐसे ‘घबराए हुए और अनगढ़ (Unformed)’ छात्र के गुण हैं, जिसने अपना पूरा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है और वह अपने शिक्षक को प्रभावित करने की चाहत रखता है, लेकिन उसमें ‘विषय में महारत हासिल’ करने की योग्यता या फिर जूनून की कमी है।” 

अपने संस्मरण में बराक ओबामा ने राहुल की माँ और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी का भी जिक्र किया है। समीक्षा में कहा गया है, “हमें चार्ली क्रिस्ट और रहम एमैनुएल जैसे पुरुषों के हैंडसम होने के बारे में बताया जाता है लेकिन महिलाओं के सौंदर्य के बारे में नहीं। सिर्फ एक या दो उदाहरण ही अपवाद हैं जैसे सोनिया गाँधी।” इस पुस्तक समीक्षा में कहा गया है कि अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री बॉब गेट्स और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दोनों में बिलकुल भावशून्य सच्चाई/ईमानदारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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