Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयअफगानिस्तान की राजधानी काबुल के सैन्य हवाई अड्डे पर विस्फोट, कइयों के मरने की...

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के सैन्य हवाई अड्डे पर विस्फोट, कइयों के मरने की आशंका: इससे पहले होटल को बनाया था निशाना

इससे पहले 12 दिसंबर को काबुल के शहर-ए-नवा इलाके के एक होटल को हमलावरों ने निशाना बनाया था। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी और 18 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। जिस होटल पर हमला किया गया था, उसे चाइनीज होटल कहा जाता है। चीनी अधिकारियों के आने-जाने के कारण यह नाम पड़ा है।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul, Afghanistan) में एक सैन्य हवाईअड्डे के बाहर भयानक विस्फोट हुआ है। इस विस्फोट में कई लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है। तालिबान सरकार के गृहमंत्रालय ने हमले की पुष्टि की है।

गृहमंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नबी ताकोर ने रॉयटर्स को बताया, “आज सुबह काबुल सैन्य हवाई अड्डे के बाहर एक विस्फोट हुआ, जिसके कारण हमारे कई नागरिक शहीद और घायल हो गए।” उन्होंने कहा कि इसकी जाँच की जा रही है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि भारी सुरक्षा वाले हवाईअड्डे के सैन्य हिस्से के आसपास सुबह 8 बजे से पहले एक जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी गई। घटना के बाद इलाके को सुरक्षा बलों ने सील कर दिया है और सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है।

इससे पहले 12 दिसंबर को काबुल के शहर-ए-नवा इलाके के एक होटल को हमलावरों ने निशाना बनाया था। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी और 18 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। जिस होटल पर हमला किया गया था, उसे चाइनीज होटल कहा जाता है। चीनी अधिकारियों के आने-जाने के कारण यह नाम पड़ा है।

बता दें कि तालिबान और इस्लामिक स्टेट (ISIS या IS) के बीच शह और मात का खेल जारी है। दोनों के बीच खूनी जंग जारी है। हाल ही में काबुल स्थित रूसी और पाकिस्तानी दूतावास के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री के आवास को निशाना बनाया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -