Tuesday, July 23, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकौन हैं 'भारत माता का सपूत' सत्यम सुराणा, खालिस्तानियों से डरे बिना रखा तिरंगे...

कौन हैं ‘भारत माता का सपूत’ सत्यम सुराणा, खालिस्तानियों से डरे बिना रखा तिरंगे का मान: लिखा- मैं रहूँ या न रहूँ भारत रहना चाहिए

सत्यम सुराणा महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं और पेशे से वकील हैं। वह वर्तमान में लंदन रह कर में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से लॉ में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी एलएलएम की पढ़ाई कर रहे हैं।

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में हाल ही में खालिस्तानियों द्वारा भारतीय उच्चायोग के बाहर तिरंगे पर गौमूत्र डालने और उसे अपमानित करने की घटना सामने आई थी।। इस बीच एक भारतीय ने इस तिरंगा को सम्मान के साथ उठाकर रख लिया था। इस भारतीय की पहचान सत्यम सुराणा के रूप में हुई है।

सत्यम सुराणा ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इस घटना के बारे में लिखा है। खालिस्तानियों ने 2 अक्टूबर 2023 को यह प्रदर्शन किया था। यह विरोध प्रदर्शन खालिस्तानी आतंकी गुरचरण सिंह के नेतृत्व में हुआ था। इस दौरान प्रदर्शनकारी खालिस्तानियों ने तिरंगे को लातों से रौंदा और फिर उसे भारतीय उच्चायोग की दीवाल से सटाकर उस पर एक बोतल में लाया गया गोमूत्र डाल दिया

तिरंगे का अपमान करने के दौरान वहाँ मौजूद अन्य भारतीय शांत नहीं रहे। सत्यम सुराणा इन खालिस्तानियों के बीच में घुसकर तिरंगा उठा लाए। सत्यम के तिरंगा उठाने से पहले उस पर एक ब्रिटिश पुलिसकर्मी भी खड़ा दिखता है। हालाँकि, पुलिसकर्मी की मंशा स्पष्ट नहीं है कि उसने तिरंगे पर पैर जानबूझ कर रखे या अनजाने में ऐसा हुआ।

सत्यम के खालिस्तानियों के बीच से तिरंगा छीनकर लाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो वायरल होने के पश्चात ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले भारतीय छात्र करन कटारिया ने सत्यम की पहचान की और ट्वीट करके बताया कि खालिस्तानियों से तिरंगा छीनने वाला शख्स कौन है।

गौरतलब है कि करन कटारिया वही व्यक्ति हैं, जिनको आरएसएस से संबंध रखने के कारण ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में छात्र संघ का चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। उनके खिलाफ राहुल गाँधी के कार्यक्रमों में दिखने वाली एक भारतीय मूल की प्रोफ़ेसर ने घृणा कैम्पेन चलाया था। इसके बाद उन पर रोक लगाई गई थी।

सत्यम सुराणा ने ट्वीट करके करन का आभार जताया और लिखा, “सौगंध मुझे मेरे मिट्टी की, मैं रहूँ या ना रहूँ भारत रहना चाहिए, मैं खुद को रोक नहीं सका और तिरंगा उठाकर लाया। चाहे 1 करोड़ लोग हमारे खिलाफ क्यों ना हो, मेरे जैसा 1 देशभक्त भारतीय हमेशा हमारे देश के सम्मान को बचाएगा।”

सत्यम सुराणा महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं और पेशे से वकील हैं। वह वर्तमान में लंदन रह कर में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से लॉ में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी एलएलएम की पढ़ाई कर रहे हैं।

कटारिया ने इस मामले पर दोबारा ट्वीट किया और लिखा, “दुनिया में ऐसी कोई भी बाधा नहीं है, जो किसी बेटे को उसकी माँ से प्यार करने से रोक सके।” सत्यम के इस बहादुरी के कृत्य के चलते सोशल मीडिया पर बड़ाई हो रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एंजेल टैक्स’ खत्म होने का श्रेय लूट रहे P चिदंबरम, भूल गए कौन लेकर आया था: जानिए क्या है ये, कैसे 1.27 लाख StartUps...

P चिदंबरम ने इसके खत्म होने का श्रेय तो ले लिया, लेकिन वो इस दौरान ये बताना भूल गए कि आखिर ये 'एंजेल टैक्स' लेकर कौन आया था। चलिए 12 साल पीछे।

पत्रकार प्रदीप भंडारी बने BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता: ‘जन की बात’ के जरिए दिखा चुके हैं राजनीतिक समझ, रिपोर्टिंग से हिला दी थी उद्धव...

उन्होंने कर्नाटक स्थित 'मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (MIT) से इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशंस में इंजीनियरिंग कर रखा है। स्कूल में पढ़ाया भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -