Monday, April 22, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकाबुल के आखिरी पुजारी पंडित राजेश ने रतन नाथ मंदिर छोड़ने से किया इनकार,...

काबुल के आखिरी पुजारी पंडित राजेश ने रतन नाथ मंदिर छोड़ने से किया इनकार, कहा- ‘तालिबान ने मार दिया तो यह भी मेरी सेवा’

काबुल से लोगों का पलायन शुरू है और हर कोई तालिबान के डर से अफगानिस्तान छोड़ना चाहता है। लेकिन इस संकट के बीच भी काबुल के रतन नाथ जी मंदिर के आखिरी पुजारी पंडित राजेश कुमार ने मंदिर छोड़ने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि तालिबान उन्हें भले ही मार दे लेकिन वो मंदिर नहीं छोड़ेंगे।

अफगानिस्तान में अब तालिबान का शासन स्थापित हो चुका है। राजधानी काबुल में तालिबानी अधिकार स्थापित होने के बाद काबुल से लोगों का पलायन शुरू है और हर कोई तालिबान के डर से अफगानिस्तान छोड़ना चाहता है। लेकिन इस संकट के बीच भी काबुल के रतन नाथ जी (Rattan Nath) मंदिर के पुजारी पंडित राजेश कुमार ने मंदिर छोड़ने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि तालिबान उन्हें भले ही मार दे लेकिन वो मंदिर नहीं छोड़ेंगे।

पंडित राजेश कुमार ने कहा कि कई हिन्दुओं ने उनसे काबुल छोड़ने का आग्रह किया और उन हिन्दुओं ने उनका (राजेश कुमार) खर्च उठाने की बात भी कही लेकिन पंडित राजेश ने मंदिर छोड़ने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पूर्वजों ने सैकड़ों सालों तक इस मंदिर में सेवा की है। मैं इसे छोड़कर नहीं जाऊँगा। अगर तालिबान मुझे मार देता है तो यह भी मेरी सेवा ही होगी।” रिपोर्ट्स के अनुसार कुमार संभवतः काबुल के आखिरी पुजारी हैं।

इसके पहले ऑर्गनाइजर ने रिपोर्ट दी थी कि इस्लामी कट्टरपंथियों के आक्रमण की संभावना के चलते अफगानिस्तान के आखिरी यहूदी जैबुलोन सिमन्तोव (Zabulon Simantov) ने अफगानिस्तान छोड़ दिया था। हेरात में जन्मे और पले-बढ़े सिमन्तोव के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद यहूदी-अफगान संबंधों का 2000 साल पुराने इतिहास का एक अध्याय समाप्त हो गया।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जे के साथ ही आतंकी संगठन तालिबान ने युद्ध समाप्ति की घोषणा कर दी, इसके बाद मुल्क के राष्ट्रपति और सारे राजनयिक देश छोड़ कर भाग चुके हैं। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने ये कहते हुए देश छोड़ दिया कि वो खूनखराबा नहीं चाहते हैं। रविवार (15 अगस्त, 2021) को दिन भर काबुल के नागरिकों में डर का माहौल रहा। पश्चिमी देश अपने लोगों को वहाँ से निकालने में लगे रहे।

काबुल एयरपोर्ट पर चारों तरफ वही लोग दिखाई दे रहे हैं जो किसी भी हालत में अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं। सैंकड़ों अफगानिस्तानी इतने मजबूर हो गए हैं कि वह भेड़-बकरियों की तरह एक ऊपर एक लदकर हवाई जहाज में चढ़ रहे हैं। भारत आए अफगानी नागरिक रो-रोकर अपनी आपबीती सुना रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि अब अफगानिस्तान में उनके लिए कुछ भी नहीं बचा और वहाँ अब शांति की भी कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुस्लिमों के लिए आरक्षण माँग रही हैं माधवी लता’: News24 ने चलाई खबर, BJP प्रत्याशी ने खोली पोल तो डिलीट कर माँगी माफ़ी

"अरब, सैयद और शिया मुस्लिमों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है। हम तो सभी मुस्लिमों के लिए रिजर्वेशन माँग रहे हैं।" - माधवी लता का बयान फर्जी, News24 ने डिलीट की फेक खबर।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe