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कनाडा में लक्ष्मी नारायण मंदिर में खालिस्तानियों ने की तोड़फोड़: आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को बताया ‘शहीद’, पोस्टर में जनमत संग्रह की बात

ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा हिंदू मंदिर... खालिस्तानियों ने इस पर हमला किया, तोड़फोड़ की। मंदिर के गेट पर मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पोस्टर चिपकाए, उसे शहीद बताया।

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में खालिस्तानियों द्वारा एक बार फिर हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। मामला शनिवार (12 अगस्त, 2023) की रात का है, जब खालिस्तानियों ने मंदिर में तोड़फोड़ की।  इसके बाद जाते वक्त मंदिर के गेट पर बीते दिनों मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पोस्टर चिपका गए। इस पोस्टर में खालिस्तान जनमत संग्रह की बात है। खालिस्तानियों की इस पूरी करतूत का खुलासा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई। 

लक्ष्मी नारायण मंदिर पर खालिस्तानी हमला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के जिस मंदिर को निशाना बनाया गया है, वह सर्रे शहर का लक्ष्मी नारायण मंदिर है। यह ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा हिंदू मंदिर बताया जाता है। मंदिर में तोड़फोड़ के बाद उसके गेट पर चिपकाए गए खालिस्तान जनमत संग्रह के पोस्टर पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की भी तस्वीर लगी है। पोस्टर में लिखा गया है:

“कनाडा में 18 जून को हुई हत्या की घटना में भारत की भूमिका की जाँच की जा रही है। खालिस्तान समर्थक इस पर जमनत संग्रह कराने जा रहा है।”

कौन था खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर

हरदीप सिंह निज्जर कनाडा के सर्रे शहर में गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब का प्रमुख था। उसकी 18 जून की शाम को दो अज्ञात लोगों ने गुरुद्वारा परिसर में घुसकर हत्या कर दी थी। हरदीप निज्जर गुरुद्वारा साहिब का प्रमुख होने के साथ-साथ खालिस्तानी आतंकी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख भी था। वह कनाडा में भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाले मुख्य अलगाववादी आतंकियों में से एक था। 

हरदीप की हत्या के बाद खालिस्तानियों ने आरोप लगाया है कि उसको ठिकाने लगाने में भारत का हाथ है। कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने हालाँकि ये मानने से इनकार कर दिया है। कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही हरदीप को चेताया था कि उसे निशाना बनाया जा सकता है। इसलिए, वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहता था। 

कनाडा में मंदिर हमले की तीसरी घटना

गौरतलब है कि कनाडा में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने और तोड़फोड़ की इस साल हुई ये तीसरी घटना है। इसी साल 31 जनवरी को ही कनाडा के ब्रैम्पटन में एक प्रमुख हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। इसके ऊपर भारत-विरोधी भड़काऊ बातें लिखी गई थीं। 

इसके बाद इस साल अप्रैल में भी कनाडा के ओंटारियो में एक और हिंदू मंदिर को खालिस्तानियों ने निशाना बनाया था। इस पर भी भारत-विरोधी नारों को लिखा गया। हालाँकि, इस मामले में कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया था, जिसमें दो लोगों को मंदिर की दीवार पर स्प्रे पेंट के जरिए भारत विरोधी नारा लिखते हुए देखा गया था। वहीं खालिस्तानियों की इस हरकत से वहाँ रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच खासा नाराजगी थी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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