Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयशादीशुदा प्रेमिका के घर तक खोद डाली गुप्त सुरंग, नौकरी पर जाने के लिए...

शादीशुदा प्रेमिका के घर तक खोद डाली गुप्त सुरंग, नौकरी पर जाने के लिए निकलता था पति तो घुस जाता था आशिक

घटना मेक्सिको के टीयूआना शहर की है। सुरंग बनाने वाले आदमी का नाम अल्बर्टो है और वह पेशे से कंस्ट्रक्शन वर्कर है। उसने यह सुरंग पड़ोस में रहने वाली अपनी शादीशुदा प्रेमिका पामेला से मिलने के लिए बनाई थी।

मेक्सिको के एक आदमी ने पड़ोस में रहने वाली प्रेमिका से मिलने के लिए एक ऐसा काम किया जिसकी कल्पना शायद ही कोई करे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शादीशुदा प्रेमिका से मिलने के लिए उसके घर तक गुप्त सुरंग खोदने वाला व्यक्ति भी विवाहित है। एक दिन महिला का पति दफ्तर से जल्दी घर वापस आ गया और उसने अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।

घटना मेक्सिको के टीयूआना शहर की है। सुरंग बनाने वाले आदमी का नाम अल्बर्टो है और वह पेशे से कंस्ट्रक्शन वर्कर (construction worker) है। उसने यह सुरंग पड़ोस में रहने वाली अपनी शादीशुदा प्रेमिका पामेला से मिलने के लिए बनाई थी। अल्बर्टो ने ऐसा समय तय किया था जब महिला का पति जॉर्ज (सिक्योरिटी गार्ड) नौकरी के लिए जाता था। ठीक इसी समय वह सुरंग की मदद से महिला से मिलने के लिए आता था। दोनों के बीच यह सब पिछले काफी समय से चल रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ जॉर्ज एक दिन समय से पहले घर आ गया तब उसने देखा कि एक आदमी सोफे के पीछे छुपा हुआ है। इसके तुरंत बाद ही वह मौके से फ़रार हो गया, उसे इस बात से काफी हैरानी हुई। काफी खोजबीन के बावजूद अल्बर्टो नहीं मिला। काफी देर बाद जॉर्ज को पता चला कि सोफे के नीचे एक सुरंग मौजूद है, जिसके जरिए अल्बर्टो उसकी पत्नी से मिलने आता है। उसने सुरंग में उतर कर देखा तो पता चला कि वह अल्बर्टो के घर तक जाती है।

पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद जॉर्ज सुरंग से होते हुए अल्बर्टो के घर पहुँचा। घर में उसकी पत्नी सोई हुई थी। अल्बर्टो ने जॉर्ज से गुहार लगाते हुए कहा कि उसके रिश्तों के बारे में उसकी पत्नी से कुछ न कहे। लेकिन जॉर्ज ने उसकी बात नहीं मानी। इसको लेकर दोनों के बीच लड़ाई शुरू हो गई। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और अल्बर्टो को अपने साथ लेकर गई। फ़िलहाल सुरंग की सही आकार को लेकर जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उसकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गई हैं।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -