Homeदेश-समाजइस्लामी तीर्थयात्रा पर ईरान गए कई भारतीय नागरिक हुए कोरोना वायरस के शिकार: मीडिया...

इस्लामी तीर्थयात्रा पर ईरान गए कई भारतीय नागरिक हुए कोरोना वायरस के शिकार: मीडिया रिपोर्ट्स में किया जा रहा दावा

ईरान में अभी भी 6000 के आसपास भारतीय नागरिक फँसे हुए हैं, जो वहाँ के विभिन्न प्रांतों में रह रहे थे। इनमें से अधिकतर इस्लामी तीर्थयात्रा पर गए थे और अधिकांश लद्दाख और जम्मू कश्मीर से हैं। कई छात्र भी फँसे हुए हैं। केरल, तमिलनाडु और गुजरात के 1000 मछुआरे भी वहाँ रह रहे थे। वो वहाँ रह कर कमाई करते हैं और साथ ही इस्लामिक अध्ययन भी करते हैं।

ईरान में महजबी तीर्थयात्रा पर गए 234 भारतीय नागरिकों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की ख़बर आ रही है। अब उन्हें मेडिकल टेस्ट के बाद ईरान में ही रोका गया है और जब वो पूरी तरह ठीक हो जाएँगे, उसके बाद उन्हें वापस भारत लेकर आया जाएगा। बता दें कि ईरान में कोरोना वायरस के ख़तरे ने महामारी का रूप ले लिया है और वहाँ अब तक 724 लोग इससे संक्रमित होकर अपनी जान गँवा चुके हैं। वहाँ कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 15 हजार के पार बताई जा रही है।

मीडिया में ईरान में फँसे भारतीय नागरिकों में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या 250 के पार बताई जा रही है। ऑपइंडिया फ़िलहाल इसकी पुष्टि नहीं करता। हालाँकि, अभी तक कोई आधिकारिक आँकड़ा जारी नहीं किया गया है लेकिन शीर्ष अधिकारियों से बातचीत के आधार पर ‘आईएएनएस’ ने दावा किया है कि इस्लामिक तीर्थयात्रा पर गए भारतीय नागरिकों में अधिकतर वरिष्ठ नागरिक थे, जिन्हें इस वायरस द्वारा ज्यादा नुकसान पहुँचाए जाने की संभावना रहती है। फ़िलहाल वो सभी ईरान में ही रहेंगे, जहाँ उनका इलाज किया जाएगा। कोरोना वायरस पीड़ितों के लिए ‘इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड प्रोटोकॉल’ के हिसाब से इन सभी को ‘क्वारंटाइन सेंटर’ में रखा जाएगा।

ईरान में अभी भी 6000 के आसपास भारतीय नागरिक फँसे हुए हैं, जो वहाँ के विभिन्न प्रांतों में रह रहे थे। इनमें से अधिकतर इस्लामी तीर्थयात्रा पर गए थे और अधिकांश लद्दाख और जम्मू कश्मीर से हैं। कई छात्र भी फँसे हुए हैं। केरल, तमिलनाडु और गुजरात के 1000 मछुआरे भी वहाँ रह रहे थे। वो वहाँ रह कर कमाई करते हैं और साथ ही इस्लामिक अध्ययन भी करते हैं। भारतीय अधिकारी लगातार उन फँसे हुए नागरिकों से मुलाक़ात कर रहे हैं। इनमें से कइयों को वापस भी लाया गया है। जिनका मेडिकल रिपोर्ट नेगेटिव आ रहे है, उन्हें तुरंत निकालने की व्यवस्था की जा रही है। भारत ने इसके लिए प्रशिक्षित मेडिकल टीम को वहाँ भेजा है।

अब तक ईरान से 389 भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है। सोमवार (मार्च 16, 2020) को 53 भारतीय नागरिकों का चौथा जत्था ईरान से भारत पहुँचा। केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर के इस सम्बन्ध में जानकारी दी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कभी था भू-माफियाओं का कब्जा, अब हिंदू शरणार्थियों को जमीन का अधिकार: पढ़ें- डिजिटलीकरण से भ्रष्टाचार पर रोक तक, योगी सरकार ने कैसे बदली...

योगी सरकार के भूमि सुधार मॉडल में भू-माफिया कार्रवाई, घरौनी, डिजिटल रजिस्ट्री और हिंदू शरणार्थियों के पुनर्वास से जुड़े बड़े फैसलों को समझिए।

इंडिया टुडे की जिस खबर को पढ़ लहालोट हो रही थी मोहम्मद जुबैर एंड वामपंथी गैंग, वो निकली फर्जी: UP में 5 दिन में...

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी को लेकर इंडिया टुडे ने फर्जी खबर चलाई कि इससे 8,056 लोगों की मौत हो गई। इस खबर पर वामपंथी गैंग सरकार पर सवाल उठाने लगी। जानें पूरी सच्चाई क्या है?
- विज्ञापन -