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डेनमार्क के सबसे बड़े मॉल में अंधाधुंध फायरिंग, 3 की मौत, कई घायल: संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कर रही आंतकी एंगल की जाँच

कोपेनहेगन पुलिस ऑपरेशन यूनिट के प्रमुख सोरेन थॉमसन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरी घटना में आतंकी मंसूबों की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता। लेकिन फिलहाल ये पता नहीं चल पाया है कि इस घटना में संदिग्ध व्यक्ति के अलावा और कौन शामिल है।

डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन के एक शॉपिंग मॉल में रविवार (4 जुलाई 2022) देर रात अंधाधुंध फायरिंग की घटना प्रकाश में आई है। बताया जा रहा है कि इस गोलीबारी में कई लोग घायल हुए हैं जबकि 3 लोगों की इस घटना में मौत हो गई है। पुलिस ने इस संबंध में 22 साल के संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

घटना कोपेनहेगन के बाहरी इलाके में सबवे लाइन के पास स्थित सबसे बड़े ‘फील्ड्स’ शॉपिंग मॉल की है। रविवार को छुट्टी की वजह से वहाँ ज्यादा लोग मौजूद थे। जैसी ही आरोपित ने गोलियाँ चलानी शुरू कीं मॉल में काफी भगदड़ मच गई। लोग चीखते-चिल्लाते मॉल से बाहर निकलने लगे। सामने आई तस्वीरों में भी कुछ लोग अपने बच्चों के साथ मॉल से हड़बड़ी में बाहर आते दिख रहे हैं।

चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने पहले मॉल से बाहर भागते हुए कुछ लोगों को देखा और उसके फौरन बाद अंदर धमाकों की आवाज सुनी। इसके बाद मॉल में सब भागने लगे। हमलावर की गोली लगने के कारण कई लोग घायल हैं।

कोपेनहेगन पुलिस ऑपरेशन यूनिट के प्रमुख सोरेन थॉमसन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरी घटना में आतंकी मंसूबों की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता। लेकिन फिलहाल ये पता नहीं चल पाया है कि इस घटना में संदिग्ध व्यक्ति के अलावा और कौन शामिल है। पुलिस इसकी जाँच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, ये हमला इस साल की टूर डी फ्रांस साइकलिंग प्रतियोगिता के राजधानी में शुरू होने के दो दिन बाद हुआ। टूर के आयोजकों ने पीड़ितों के लिए सहानुभूति भी व्यक्त की है। वहीं पुलिस ने घटना के बाद पूरे शॉपिंग मॉल की सुरक्षा को और बढ़ा दिया है।

बता दें कि डेनमार्क दुनिया के सबसे सुरक्षित व कम क्राइम रेट वाले देशों में एक गिना जाता है। अमेरिकी नेत्री लॉरेन बोबर्ट ने इसे गोलीबारी की जानकारी देते हुए गन लॉ पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि डेनमार्क उन देशों में से एक हैं जहाँ गन लॉ सख्ती से लागू है। अब ये बात मान लेनी होगी कि गन लॉ इतने पर्याप्त नहीं है कि वो लोगों पर होने वाली गोलीबारी की घटनाओं को रोक सकें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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