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समुद्री यात्रा पर निकले, जहाज टूटा तो निर्जन टापू पर 30 साल रहे अकेले… घर लौटते ही 3 साल में हो गई इटली के शख्स की मौत

मोरांडी बुदेली में रहने के दौरान इसके रास्ते साफ़ किया करते थे। वह यहाँ समुद्र तट की भी सफाई करते थे और गर्मियों की छुट्टियों में आने वाले पर्यटकों को इस जगह के इतिहास और यहाँ के पर्यावरण के बारे में भी समझाते थे। मोरांडी यहाँ इसलिए बसे थे क्योंकि वह पूँजीवाद, राजनीति और ऐसे ही मुद्दों से कहीं दूर भागना चाहते थे।

इटली के बुदेली द्वीप पर 3 दशक तक अकेले रहने वाले शख्स की समाज में वापस आने के 3 साल बाद मौत हो गई। वह 2021 में ही समाज के बीच रहने के लिए लौटा था। वह इस निर्जन द्वीप पर बिना बाहर की दुनिया से सम्पर्क किए रहता था और यहाँ की देखभाल भी करता था। इस शख्स का नाम मौरो मोरांडी था।

मोरांडी की बीते 2025 की शुरुआत के दिनों में मौत हुई। बुदेली के द्वीप पर मोरांडी 1989 में पहुँचे थे। निकले तो वह एक लम्बी समुद्री यात्रा पर थे लेकिन उनका जहाज इस द्वीप के पास ही टकरा कर नष्ट हो गया था। इसके बाद जब यहाँ पहुँचे तो उन्हें पता चला कि अब तक द्वीप की देखभाल करते आया शख्स रिटायर होना चाहता है।

मोरांडी ने इसके बाद तय किया कि वह बुदेली पर ही रहेंगे और इसकी देखभाल करेंगे। उन्होंने अपनी नाव बेच दी और यहाँ के 1 कमरे वाले एक अपार्टमेंट में रहने लगे। यह द्वीप एकदम निर्जन है और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहाँ पर फौजें रुका करती थीं।

मोरांडी बुदेली में रहने के दौरान इसके रास्ते साफ़ किया करते थे। वह यहाँ समुद्र तट की भी सफाई करते थे और गर्मियों की छुट्टियों में आने वाले पर्यटकों को इस जगह के इतिहास और यहाँ के पर्यावरण के बारे में भी समझाते थे। मोरांडी यहाँ इसलिए बसे थे क्योंकि वह पूँजीवाद, राजनीति और ऐसे ही मुद्दों से कहीं दूर भागना चाहते थे।

बुदेली में उन्हें एक और द्वीप से नाव से खाना पहुँचाया जाता था। उनके घर में बिजली देने के लिए एक सोलर सिस्टम भी लगा दिया गया था। उन्होंने यहाँ अपना पूरा संसार बसा लिया था। उन्हें इंटरनेट की भी सुविधा मिली हुई है। वह इसका इस्तेमाल भी करते थे। उनका इंस्टाग्राम पर भी एक अकाउंट था, जिस पर उनके 70,000 फॉलोवर थे।

मोरांडी को रॉबिनसन क्रूसो का नाम दे दिया गया था। रॉबिनसन एक क्रूसो एक अंग्रेजी किताब का मुख्य पात्र है। किताब में जहाज़ डूब जाता है और वह वेनेजुएला और त्रिनिदाद के तटों के पास एक निर्जन द्वीप पर 28 साल व्यतीत करता है। मोरांडी की कहानी भी कुछ ऐसी ही थी।

मोरांडी का इस इलाके की पर्यावरण की देखभाल करने वाले ला माडालेना राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों से लम्बी लड़ाई चली थी। वह मोरांडी को यहाँ से निकालना चाहती थी। 2021 में उसने उन्हें यहाँ से वापस इटली में भेज दिया था। इसके बाद मोरांडी ने बताया था कि सामान्य समाज में रहने से उन्हें दिक्कत हो रही है। अब 85 वर्ष की उम्र में उनकी मौत हो गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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