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भारत का साथ दे रहे देशों पर भी दागेंगे मिसाइल: पाकिस्तानी मंत्री गंडापुर ने दी युद्ध की धमकी

गंडापुर ने कहा कि भारत का साथ दे रहे देश यह जान लें कि यदि पाकिस्तान ने एक मिसाइल अपने पड़ोसी पर छोड़ी तो दूसरी उनकी तरफ भी दागी जाएगी। गंडापुर पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों के मंत्री भी हैं और अक्सर विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं।

पाकिस्तान के मंत्रियों की तरफ़ से भारत के ख़िलाफ़ आ रहे अजीबोगरीब बयानों का दौर थमता नहीं दिख रहा है। पाकिस्तान के मंत्री अली अमीन गंडापुर ने कहा है कि न सिर्फ़ भारत, बल्कि भारत का समर्थन कर रहे देशों की तरफ़ भी मिसाइलें छोड़ी जाएँगी। गंडापुर पाकिस्तान में कश्मीर मामलों के मंत्री हैं। उन्होंने धमकी दी कि अगर जम्मू-कश्मीर को लेकर तनाव बढ़ जाता है तो फिर पाकिस्तान युद्ध में जाने को विवश हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले पर जो भी लोग भारत का साथ दे रहे हैं, उन्हें इस्लामाबाद अपना दुश्मन समझेगा

गंडापुर ने कहा कि भारत का साथ दे रहे देश यह जान लें कि यदि पाकिस्तान ने एक मिसाइल अपने पड़ोसी पर छोड़ी तो दूसरी उनकी तरफ भी दागी जाएगी। गंडापुर पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों के मंत्री भी हैं और अक्सर विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। उनके साथ-साथ पाक के रेल मंत्री शेख रशीद ख़ान भी अजीबोगरीब बयान देते रहते हैं। शेख रशीद को नरेंद्र मोदी का नाम लेते ही माइक से करंट लगा था, जिसके बाद उनकी काफ़ी किरकिरी हुई थी। उन्होंने पाकिस्तान के पास पाव भर के परमाणु बम होने का दावा किया था।

पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने गंडापुर का एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने भारत का साथ देने वाले देशों की तरफ मिसाइल छोड़ने की धमकी दी है। नायला ने लिखा कि पाकिस्तानी मंत्री गंडापुर फिर से चर्चा में हैं। साथ ही उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “मैं आशा करती हूँ कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इन बातों को सुन रहे हैं।” गंडापुर का बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी के दौरे पर हैं और उन्होंने सऊदी के किंग और क्राउन प्रिंस से मुलाक़ात की। इस दौरान भारत और सऊदी के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है, क्योंकि सुरक्षा परिषद और यूएन जनरल असेंबली से लेकर एफएटीएफ तक, उसे हर जगह निराशा हाथ लगी है और भारत का हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारी रहा। जहाँ इमरान ख़ान यूएनजीए में कश्मीर, इस्लाम, भारत और पैगम्बर मुहम्मद की बातें करते रहें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण को लेकर भारत का पक्ष रखा और अपने भाषण में एक बार भी पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया। ऐस में पाकिस्तान के मंत्रियों की तरफ़ से इस तरह के बयानों का आना स्वाभाविक है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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