Wednesday, November 25, 2020
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय ऑपइंडिया का खुलासा: जिहाद, पाकिस्तान, खालिस्तान में हैं 'Howdy Modi' के विरोध की जड़ें

ऑपइंडिया का खुलासा: जिहाद, पाकिस्तान, खालिस्तान में हैं ‘Howdy Modi’ के विरोध की जड़ें

जिहादियों और खालिस्तानियों की 'कोटरी' के बाहर इस विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया बेहद ठंडी है। ऐसे में 'हवा' बनाए रखने के लिए जिहादी और खालिस्तानी एक तरफ़ अपनी आतंकी मानसिकता के अधिक-से-अधिक लोगों को ही जुटा कर उसे आम हिन्दुस्तानियों और भारतवंशियों के मोदी-विरोध के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं......

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टेक्सास के ह्यूस्टन शहर में होने वाली ‘Howdy Modi’ रैली का समय जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है, वैसे-वैसे दो बातें साफ़ होतीं जा रहीं हैं- पहली, कि यह कोई आम ‘राजनीतिक विरोध’ नहीं है, बल्कि राजनीति का चोगा ओढ़कर खड़ी कोई उससे कहीं ज़्यादा बदरंग ताकत है (जैसे कश्मीर के कट्टरपंथी इस्लाम और जिहादी उन्माद से उपजी हिन्दुओं के प्रति असहिष्णुता को एक ‘राजनीतिक समस्या ‘बताया गया), और दूसरी यह कि इसमें शामिल लोग भी कोई आम हिंदुस्तानी या भारतवंशी नहीं, बल्कि या तो पाकिस्तानी हैं, या खालिस्तानी और जिहादी ताकतें, जिनका हिंदुस्तान से खून या पासपोर्ट का तो रिश्ता हो सकता है, लेकिन वे हिंदुस्तानी किसी भी लिहाज से नहीं कहे जा सकते।

ऑपइंडिया ने पहले ही बताया था कि कैसे 22 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम के ‘विरोध प्रदर्शन’ के लिए लोगों के इकट्ठे होने की जगहें अधिकतर (16) मस्जिदें, और एक खालिस्तानी गुरुद्वारा है। इनकी सूची इस प्रकार है:

  1. मस्जिद अबू बक्र
  2. मरयम इस्लामिक सेंटर
  3. मस्जिद अत-तक्वा
  4. मस्जिद हमज़ा (मिशन बेंड इस्लामिक सेंटर)
  5. बीयर क्रीक इस्लामिक सेंटर/ मस्जिद अल-मुस्तफा
  6. वुडलैंड्स मस्जिद
  7. इस्लामिक सेंटर ऑफ बेटाउन
  8. एमएएस कैटी सेंटर
  9. मदरसा इस्लामिया
  10. अल-नूर सोसायटी ऑफ ह्यूस्टन
  11. इस्लामिक एजुकेशन सेंटर
  12. पियरलैंड इस्लामिक सेंटर
  13. मस्जिद अल सलाम
  14. सिख नेशनल सेंटर
  15. मिशकाह सेंटर
  16. सिप्रस मस्जिद
  17. बिलाल मस्जिद नॉर्थ

इन मस्जिदों में से कुछ की पहचान क्लेरियन प्रोजेक्ट द्वारा कट्टरपंथी इस्लाम को बढ़ावा देने के रूप में की गई है। इनमें से एक इस्लामिक एजुकेशन सेंटर और मस्जिद अत-तक्वा है।

विरोध-प्रदर्शन करने वाले सिख आयोजकों ने ह्यूस्टन क्रॉनिकल से बात की और उनकी टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि वे खालिस्तानी आंदोलन से जुड़े हुए हैं। विरोध करने वाले सिख आयोजकों में से एक जगदीप सिंह है, जो 2020 पंजाब जनमत संग्रह की दिशा में काम कर रहा है। सिख नेशनल सेंटर के अध्यक्ष हरदाम सिंह आज़ाद ने कहा, “यह स्वतंत्रता के लिए एक विरोध रैली है।” इससे यह बात स्पष्ट है कि यह विरोध रैली अलगाववादियों द्वारा आयोजित की जाएगी।

दूसरी ओर, जो समुदाय विशेष वाले ह्यूस्टन में मोदी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं, वे कश्मीरी अलगाववादी हैं। वे खुलेआम भारत से कश्मीर की आज़ादी की गुहार लगा रहे हैं।

इसकी जड़ कहाँ तक जाती है, यह देखने के लिए ऑपइंडिया के एक विश्वस्त सूत्र ने भी इस विरोध प्रदर्शन के लिए रजिस्टर किया। उसके बाद हमें एक ईमेल मिला।

आयोजकों से मिला ईमेल

जैसा कि आप देख सकते हैं, ईमेल की शुरुआत “अस्सलामवालेकुम” से होती है। इसके बाद इसमें बताया जाता है कि कुछ ‘उदारमना दानदाताओं’ ने प्रदर्शन स्थल NRG स्टेडियम के लिए लक्ज़री बसों का इंतज़ाम किया है। इसके अलावा 20 सितंबर, 2019 के इस ईमेल में आश्वासन भी है कि यह बीएस सेवा हर दस मिनट पर चलती रहेगी, और बसों के लिए किसी पंजीकरण की भी ज़रूरत नहीं है।

लेकिन महज़ तीन दिन पहले, 17 सितंबर तक, इनके पास यह सब नहीं था। सोशल मीडिया पर प्रदर्शन में हिस्सा लेने आने वालों को पीने का पानी तक अपने आप लेकर आने के लिए कहा जा रहा था। कुछ बसों का इंतज़ाम ज़रूर था, लेकिन न ही उनके लक्ज़री होने का ज़िक्र था, न ही इतनी बड़ी संख्या का कि हर दस मिनट पर लोगों को बसें ले आएँ-ले जाएँ। साथ ही, नए पैम्फलेट में दिख रहे किसी “Coalition partners” का भी ज़िक्र तीन दिन पहले तक नहीं था।

लेकिन उनका जो ताज़ा पैम्फलेट ईमेल के साथ हमें मिला, उसमें तो नए ही डिटेल्स थे।

नए लुक , नए डिटेल्स वाला नया पैम्फलेट

पुराने पैम्फलेट में कोई “Coalition partners” नहीं थे, तो नए वाले में इनकी भीड़ इकठ्ठा हो गई! ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि क्या यह लक्ज़री बसें इन्हीं “Coalition partners” की तो नहीं हैं? कहीं यही “Coalition partners” तो वे ‘उदारमना दानदाता’ नहीं हैं, जिनकी पहचान किन्हीं कारणों से प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे लोगों को नहीं बताई जा रही है?

पाकिस्तान कनेक्शन, वो भी खालिस इमरान खान वाला

इन “Coalition partners” की खोजबीन में सबसे पहला कनेक्शन जो निकल कर सामने आता है, वह है दुनिया के सबसे क्रूर, जिहादी, मानवाधिकार के भक्षक देशों में से एक पाकिस्तान का है। कुछ मामलों में तो यह कनेक्शन भी भी सेना की गोद में बैठे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी PTI से सीधा-सीधा निकलता है।

HKSCA

HKSCA का पूरा मतलब है ‘Houston-Karachi Sister City Association’. इस संस्था का घोषित लक्ष्य ह्यूस्टन में कराची की पैठ और प्रभाव बढ़ाना है।

PAGH

Pakistan Association of Greater Houston (PAGH) ने एक गैर-लाभकारी सामाजिक संगठन के रूप में रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है, और ह्यूस्टन और उसके आसपास के पाकिस्तानी कनेक्शन रखने वाले अमेरिकियों के लिए सामाजिक, मज़हबी आदि प्रकार के जलसे करने के लिए फंडिंग का इंतज़ाम करना इसका लक्ष्य है। यह किसी राजनीतिक पार्टी से तार जुड़े न होने का दावा करती है।

PTI भी है “Coalition partners”

इस पूरे कुचक्र के “Coalition partners” में सीधे-सीधे इमरान ‘तालिबान’ खान की पाकिस्तान में सत्तारूढ़ पार्टी PTI की अमेरिकी शाखा भी है

‘Secular’ नाम, जिहादी काम

‘Sound Vision’, ‘Emgage’, ‘CAIR’ जैसे ‘सेक्युलर’ और ‘नॉर्मल’ नाम वाले भी कई संगठन इसके “Coalition partners” हैं। इनके नाम भले जितने भी ‘नॉर्मल’ हों, यह सभी संगठन ऊपर उल्लिखित HKSCA, PAGH, PTI USA LLC जैसे ही खतरनाक संगठन हैं।

कश्मीर प्रोपेगंडा है Sound Vision का विज़न

Sound Vision नाम रख कर इस्लामिस्ट और कश्मीरी प्रोपेगंडा फैलाने वाली इस वेबसाइट का एक प्रोजेक्ट है FreeKashmir.org.

बिना एक नए पैसे के सबूत के हिंदुस्तान के कश्मीर पर अत्याचारों की झूठी कहानी सुनाना ही इस वेबसाइट का कामधंधा लगता है। साथ ही Sound Vision की जड़ें खुले तौर पर इस्लामी हैं, और मकसद केवल समुदाय विशेष, और खासकर कि उनके युवाओं, के हितों को ही आगे बढ़ाने के लिए दूसरे धर्म वालों के साथ ‘आपसी समझदारी’ को बढ़ावा देना है। और अब चूँकि निष्ठा ही इस्लाम और इस्लामी उम्मत के प्रति है, इसलिए कश्मीर भी उनके लिए इस्लामीकरण करने के लिए ही ज़रूरी है। यह पाकिस्तान की ही लाइन है, जिसमें वह भी कश्मीर का मतलब केवल कश्मीर के इस्लाम समर्थकों को ही मानता है।

Emgage के लिए समुदाय विशेष से होने का मतलब हिंदुस्तान से नफ़रत

Emgage भी ‘नॉर्मल’ नाम की आड़ में केवल समुदाय विशेष के ही हितों की चिंता करने वाली संस्था है। यही नहीं, वह हिंदुस्तान के ख़िलाफ़ प्रोपेगंडा भी करती है- जिसका हिस्सा एक ओर हिंदुस्तानी कथित अल्पसंख्यकों (जिनके लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश के संसाधनों पर उनका पहला हक़ है) की तुलना चीन में उइगरों के साथ सच में हो रहे मानवाधिकारों के हनन के शमिल है, और दूसरी ओर Emgage साम्प्रदायिक तनाव को ‘Xenophobia’ (बाहरी नस्लों से मूलनिवासियों की नफ़रत) बताकर खुद ही यह नैरेटिव चलाने की कोशिश करती है कि मजहब विशेष की पहली निष्ठा हिंदुस्तान नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे यहाँ ‘बाहरी नस्ल’ हैं।

यह Emgage कितनी कट्टरपंथी संस्था है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसका सीईओ वैल एन अल्ज़ायत लिंडा सारसोर जैसे नफ़रती इस्लामियों का समर्थक है। और लिंडा सारसोर का इतिहास यह है कि वे इस्लाम में सुधार लाने और उससे कट्टरपंथ निकालने की बात करने वाली अयान हिरसी अली को औरत होने लायक नहीं समझतीं।

9/11 की आरोपित रही है CAIR

मोदी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के अगले “Coalition partner” का नाम है CAIR (Council of American Islamic Relations)। इस पर एक समय न केवल 9/11 में सहायक होने का शक था, बल्कि उससे किसी तरह बच निकलने के बाद भी आज तक किसी-न-किसी इस्लामी कट्टरपंथी के साथ हर समय इसके तार निकल ही आते हैं। Investigativeproject.org नामक एक खोजी पत्रकारिता करने वाले संगठन में अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि CAIR के संस्थापकों के तार ऐसी संस्थाओं से जुड़े हैं जिन्हें अदालतों ने जिहादी संगठन हमास का समर्थक माना था। यही नहीं, CAIR को कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड ने अपने अमेरिकी ‘नेटवर्क’ में शामिल बताया था।

यह संस्था अमेरिका की जिहादियों के खिलाफ कार्रवाई पर पलीता लगाने की कोशिश करने के लिए जाना जाता है। अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने इसी के मंच से 9/11 के जिहादी हमले को “कुछ लोगों ने कुछ-कुछ किया” बताकर हल्का करने की कोशिश की थी।

खालिस्तानी भी नहीं हैं पीछे

जुलाई, 2019 में हिंदुस्तान की सरकार ने Sikhs for Justice (SFJ) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था, क्योंकि वह पंजाब को खालिस्तान बनाने के लिए अगले साल (2020) में जनमत संग्रह की माँग करती है।


यह संगठन फ़िलहाल ब्रिटेन में बैठकर अपनी आतंक्की गतिविधियों को अंजाम देता है, और इसपर ISI के इशारों पर चलने का आरोप है। इसके ‘कानूनी सलाहकार’ गुरपतवंत सिंह पन्नूँ को WhatsApp तक पर प्रतिबंधित कर दिया गया है। पिछले सितंबर में हुई इस घटना के बाद उसने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह को धमकी भरा एक वीडियो भी इंटरनेट पर अपलोड किया था। इसके अलावा खालिस्तानियों की पाकिस्तानी साठगाँठ इस बात से भी दिखती है कि एक कनाडाई खालिस्तानी संगठन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख जनरल बाजवा को सम्मानित किया था

ऊपर दिए गए मोदी-विरोधी प्रदर्शन के पैम्फलेट में SFJ नहीं, बल्कि पन्नूँ को सीधे-सीधे नाम लेकर आयोजक के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है।

यही नहीं, मज़े की बात यह है कि अपने नागरिक अधिकारों का दुरुपयोग कर दो कश्मीरी अमेरिकियों ने ‘Kashmir Khalistan Referendum Front’ नामक संगठन की आड़ सिविल शिकायत दाखिल कर मोदी को ‘समन’ भिजवा दिया ह्यूस्टन के सिटी कोर्ट का। गुप्तचर एजेंसियों का मानना है कि इस हरकत के पीछे भी SFJ ही है।

झूठी हाइप की कोशिश

इसके अलावा अपने कार्यक्रम में ‘वजन’ डालने के लिए ऐसे लोगों और समूहों का नाम भी “Coalition partners” में शामिल किया गया है, जिनकी ज़मीनी तो छोड़िए, इंटरनेट पर भी इस कार्यक्रम के बाहर मौजूदगी नहीं है। जैसे यह ‘Stop Nazi Modi’. सारे सबूत इसी तरफ इशारा कर रहे हैं कि इस कार्यक्रम के “Coalition partners” की भीड़ बढ़ाने के लिए इसे ईजाद किया गया है, और इसके बाहर इस समूह का कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं है। इसके बारे में इंटरनेट पर सर्च करने पर मोदी की ह्यूस्टन रैली के विरोध का ही एक निमंत्रण मिलता है।

यानि इस सभी सबूतों की बिना पर इस निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है कि जिहादियों और खालिस्तानियों की ‘कोटरी’ के बाहर इस विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया बेहद ठंडी है। ऐसे में ‘हवा’ बनाए रखने के लिए जिहादी और खालिस्तानी एक तरफ़ अपनी आतंकी मानसिकता के अधिक-से-अधिक लोगों को ही जुटा कर उसे आम हिन्दुस्तानियों और भारतवंशियों के मोदी-विरोध के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, और दूसरी ओर अपने असली आयोजकों, असली ‘उदारमना दानदाताओं’ का नाम उजागर करने से बचने के लिए ‘Stop Nazi Modi’ जैसे फ़र्ज़ी समूह भी बना रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Nupur J Sharma
Editor, OpIndia.com since October 2017

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

कॉन्ग्रेस के लिए पहला काम था-राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

उत्तर प्रदेश में 9357 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी 28 विदेशी कंपनियाँ: कोरोना काल में मिलेगा लाखों लोगों को रोजगार

28 विदेशी कंपनियों ने 9357 करोड़ रुपए के निवेश के लिए करार किया है। एक जूता बनाने वाली कंपनी ऐसी है, जो चीन से शिफ्ट होकर भारत आई है और तीन सौ करोड़ रुपए के निवेश से आगरा में उत्पादन शुरू किया है।

वो सीक्रेट बैठक, जिससे उड़ी इमरान खान की नींद: तुर्की की गोद में बैठा कंगाल Pak अब चीन के लिए होगा खिलौना

पाकिस्तान समेत ज़्यादातर मुस्लिम देश इजरायल को अपना दुश्मन नंबर एक मानते हैं। सऊदी अरब व इजरायल के रिश्ते मजबूत होने से इमरान की उड़ी नींद।

‘PFI वाले मुझे घर, नौकरी और रुपए देंगे’: इस्लाम अपनाने की घोषणा करने वाली केरल की दलित महिला

केरल की दलित महिला ऑटोरिक्शा ड्राइवर चित्रलेखा ने इस्लामी धर्मांतरण की घोषणा की थी। अब सामने आया है कि PFI ने उन्हें इसके लिए प्रलोभन दिया।

उमर खालिद नास्तिकता का ढोंग करता है, वस्तुतः वह कट्टर मुस्लिम है जो भारत को तोड़ना चाहता है: दिल्ली पुलिस

खालिद के लिए दिल्ली में रहने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासी ऐसे लोग थे, जिनका इस्तेमाल करना आसान था। उसने इस्लाम और अल्ट्रा लेफ्ट...

वो अहमद पटेल, जिसे राज्यसभा सीट जिताने के लिए कॉन्ग्रेस ने खो दिया था पूरे गुजरात को

71 साल के अहमद पटेल का इंतकाल हो गया। उनकी मौत का कारण मल्टिपल ऑर्गन फेलियर रहा। उनसे यूपीए काल में हुए कई घोटालों के...

प्रचलित ख़बरें

‘मेरे पास वकील रखने के लिए रुपए नहीं हैं’: सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सैन्य अधिकारी की पत्नी से हरीश साल्वे ने कहा- ‘मैं हूँ...

साल्वे ने अर्णब गोस्वामी का केस लड़ने के लिए रिपब्लिक न्यूज नेटवर्क से 1 रुपया भी नहीं लिया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उन्होंने कुलभूषण जाधव का केस भी मात्र 1 रुपए में लड़ा था।

बहन से छेड़खानी करता था ड्राइवर मुश्ताक, भाई गोलू और गुड्डू ने कुल्हाड़ी से काट डाला: खुद को किया पुलिस के हवाले

गोलू और गुड्डू शाम के वक्त मुश्ताक के घर पहुँच गए। दोनों ने मुश्ताक को उसके घर से घसीट कर बाहर निकाला और जम कर पीटा, फिर उन्होंने...

रहीम ने अर्जुन बनकर हिंदू विधवा से बनाए 5 दिन शारीरिक संबंध, बाद में कहा- ‘इस्लाम कबूलो तब करूँगा शादी’

जब शादी की कोई बात किए बिना अर्जुन (रहीम) महिला के घर से जाने लगा तो पीड़िता ने दबाव बनाया। इसके बाद रहीम ने अपनी सच्चाई बता...

इतिहास में गुम हैं मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा: देश भूल गया ब्रह्मपुत्र के इन बेटों को

राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।

कंगना को मुँह तोड़ने की धमकी देने वाले शिवसेना MLA के 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी: वित्तीय अनियमितता का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक के आवास और दफ्तर पर छापेमारी की। यह छापेमारी सरनाईक के मुंबई और ठाणे के 10 ठिकानों पर की गई।

‘मुस्लिमों ने छठ में व्रती महिलाओं का कपड़े बदलते वीडियो बनाया, घाट पर मल-मूत्र त्यागा, सब तोड़ डाला’ – कटिहार की घटना

बिहार का कटिहार मुस्लिम बहुत सीमांचल का हिस्सा है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम बंगाल से लगती हैं। वहाँ के छठ घाट को तहस-नहस कर दिया गया।
- विज्ञापन -

ऑस्ट्रेलिया ने आतंकी हरकतों में लिप्त मौलाना की नागरिकता छीनी, गृह मंत्री ने कहा- देश की सुरक्षा के लिए कोई भी कार्रवाई करेंगे

गृह मंत्री पीटर बटन ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के लोगों को बचाने के लिए मौलाना अब्दुल नसीर बेनब्रीका की नागरिकता छीनना एक उचित कदम है।

‘ये प्राचीनतम है, सभी भाषाओं की जननी है’: न्यूजीलैंड में सत्ताधारी लेबर पार्टी के सांसद ने संस्कृत में ली शपथ, आलोचकों को लताड़ा

एक आलोचक ने ने संस्कृत को अत्याचार, जातिवाद, रूढ़िवादिता और हिंदुत्व की भाषा करार दिया। जानिए नव-निर्वाचित सांसद ने इसका क्या जवाब दिया....

‘भाजपा को हिंदुत्व की लौ लगी है, लव जिहाद उनका नया हथियार, बंगाल चुनाव के बाद ये भंगार में चले जाएँगे’: शिवसेना मुखपत्र

"सच कहें तो वैचारिक ‘लव जिहाद’ के कारण देश और हिंदुत्व का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कश्मीर में पाक समर्थक, अनुच्छेद 370 प्रेमी महबूबा मुफ्ती से भाजपा ने सत्ता का निकाह किया, इसलिए इसे भी वैचारिक लव जिहाद क्यों न माना जाए?"

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

कॉन्ग्रेस के लिए पहला काम था-राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

उत्तर प्रदेश में 9357 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी 28 विदेशी कंपनियाँ: कोरोना काल में मिलेगा लाखों लोगों को रोजगार

28 विदेशी कंपनियों ने 9357 करोड़ रुपए के निवेश के लिए करार किया है। एक जूता बनाने वाली कंपनी ऐसी है, जो चीन से शिफ्ट होकर भारत आई है और तीन सौ करोड़ रुपए के निवेश से आगरा में उत्पादन शुरू किया है।

रोशनी घोटाला में महबूबा मुफ्ती का नाम: जम्मू में सरकारी जमीन कब्ज़ा कर बनाया गया PDP का दफ्तर, CBI कर रही जाँच

गुजरे जमाने की फ़िल्मी हस्तियाँ फिरोज खान और संजय खान की बहन दिलशाद शेख ने भी राजधानी श्रीनगर में 7 कनाल सरकारी जमीन पर कब्ज़ा जमा लिया।

10 साल में 800% बढ़ी संपत्ति: उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी सरनाईक कभी ऑटो रिक्शा चलाते थे, आज करोड़ों के मालिक

सरनाईक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप है, जिसके कारण ईडी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी अभियान के बाद ईडी के अफसरों ने ठाणे स्थित ठिकाने से सरनाईक के बेटे विहंग सरनाईक को हिरासत में ले लिया।

‘उन्हें देश के गरीबों की समझ नहीं, राजनीति में नहीं आना चाहिए’: TMC ने सौरभ गांगुली पर साधा निशाना, अटकलों का बाजार गर्म

TMC के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वो पूरे बंगाल के एक आइकॉन हैं और एकमात्र ऐसे बंगाली क्रिकेटर हैं, जिन्हें भारतीय टीम का नेतृत्व करने का मौका मिला।

राजस्थान में कोरोना संक्रमित कॉन्ग्रेसी मंत्री ने RUHS का दौरा कर उड़ाई प्रोटोकॉल की धज्जियाँ: तस्वीरें वायरल

“आरयूएचएस में पहले से सब पॉजिटिव हैं और मैं भी पॉजिटिव हूँ, इसलिए प्रश्न उठता है कि मुझसे कोरोना फैलेगा कैसे? मैं डॉक्टरों की सलाह के बाद इंतजामों को देखने गया था।”

वो सीक्रेट बैठक, जिससे उड़ी इमरान खान की नींद: तुर्की की गोद में बैठा कंगाल Pak अब चीन के लिए होगा खिलौना

पाकिस्तान समेत ज़्यादातर मुस्लिम देश इजरायल को अपना दुश्मन नंबर एक मानते हैं। सऊदी अरब व इजरायल के रिश्ते मजबूत होने से इमरान की उड़ी नींद।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,380FollowersFollow
357,000SubscribersSubscribe