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अब्बा ने बोरे में 15 दिन की बेटी को पैक किया, फिर जिंदा ही कब्र में गाड़ दिया: तैय्यब के पास इलाज के लिए नहीं थे पैसे, पाकिस्तान के सिंध की घटना

तैय्यब के जुर्म कबूलने के बाद पुलिस ने फौरन आगे की कार्रवाई करते हुए उसको गिरफ्तार किया। वहीं कब्र खोदकर बच्ची का शव निकाला गया ताकि शव का पोस्टमॉर्म करवाया जा सके।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में तैय्यब नाम के शख्स ने अपनी 15 दिन की मासूम बेटी को जिंदा जमीन में दफना दिया। मामला खुला तो पुलिस पूछताछ करने पहुँची। बाप ने जवाब दिया उसके पास बेटी को इलाज के लिए पैसे नहीं थे इसलिए उसने उसे गाड़ दिया।

तैय्यब के जुर्म कबूलने के बाद पुलिस ने फौरन आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। वहीं कब्र खोदकर बच्ची का शव निकाला गया ताकि शव का पोस्टमॉर्म करवाया जा सके। तैय्यब ने कहा कि वह अपनी नवजात बेटी का इलाज नहीं करा पा रहा था।

उसने पैसा का इंतजाम करने की कोशिश की लेकिन इसमें कामयाब नहीं हो सका। ऐसे में तैय्यब ने नवजात को एक बोरे में रखकर जमीन में गाड़ दिया। तैय्यब के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। आगे बच्ची का पोस्टमार्टम कराकर कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि पाकिस्तान में छोटे बच्चों पर होते अत्याचार के पहले भी कई मामले सामने आए हैं लेकिन इस घटना के साथ जो एक मामला चर्चा में है उसमें एक महिला पर पर आरोप लगा है कि उसने अपने शौहर के साथ मिलकर 13 साल की बच्ची का उत्पीड़न किया। उत्पीड़न के दौरान उसे नंगा किया गया, उसका शारीरिक शोषण हुआ।

बच्ची ने अपनी शिकायत में बताया कि वो उस दंपत्ति के घर में काम करती थी, लेकिन एक दिन चोरी के शक में हसम ने उसे पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसको शारीरिक यातनाएँ दी गईं।

डॉक्टर के यहाँ जाने पर पता चला कि बच्ची के शरीर में हाथ और नाक पर तमाम फ्रैक्चर थे। पुलिस ने कहा है कि वो इस मामले में जाँच कर रहे हैं और जाँच के बाद बच्ची को इंसाफ दिलाया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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