Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपाकिस्तान की चिठ्ठी के बाद चीन ने की UNSC में अनौपचारिक चर्चा की माँग,...

पाकिस्तान की चिठ्ठी के बाद चीन ने की UNSC में अनौपचारिक चर्चा की माँग, लेकिन…

UNSC में पोलैंड अगस्त महीने का काउंसिल चेयरमैन है, इसलिए किसी भी बैठक को बुलाने के लिए उसकी मंजूरी जरूरी है। लेकिन प्रसिडेंट पोलैंड ने अभी तक...

भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 पर लिए गए फैसले को हटाए जाने के खिलाफ पाकिस्तान की चिट्ठी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कोई भी प्रतिक्रिया देने के लिए चीन ने पहल की है। चीन ने शुक्रवार (अगस्त 15, 2019) को बंद कमरे में अनौपचारिक चर्चा की बात कही है।

पाकिस्तान के करीबी दोस्त माने जाने वाले चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) से कहा है कि वे भारत की तरफ से जम्मू कश्मीर में खत्म किए गए विशेष दर्जे को लेकर ‘परामर्श करना बंद करे’ और इस पर चर्चा करे। रिपोर्ट्स के अनुसार, राजनयिक ने बताया कि इससे पहले, पाकिस्तान की तरफ से काउंसिल के प्रसिडेंट पोलैंड को इस मुद्दे पर पत्र लिख कर अगस्त में बैठक बुलाने की माँग की गई थी।

राजनयिक के अनुसार- “चीन ने सुरक्षा परिषद के एजेंडा आइटम से ‘इंडिया पाकिस्तान क्वेश्चन’ पर परामर्श बंद करने को कहा। यह अनुरोध पाकिस्तान की तरफ से संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष के भेजे गए पत्र के संदर्भ में था।”

चीन चाहता है कि इस अनौपचारिक चर्चा में पाकिस्तान के विदेश मंत्री एसएम कुरैशी द्वारा यूएनएसी अध्यक्ष जोआना रोनकेका को लिखे पत्र (भारत द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले) के बारे में सभी सदस्यों की राय ली जाए।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने पत्र को UNSC के सभी सदस्य देशों को फैलाकर जल्द से जल्द मीटिंग बुलाने की माँग की है, लेकिन अभी तक कोई मीटिंग कॉल नहीं की गई है। इक्वेटोरियल गिनी, जो UNSC के गैर-स्थायी सदस्यों में से एक है, ने कहा है कि सभी सदस्य काउंसिल पोलैंड की कुर्सी के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।

UNSC में पोलैंड अगस्त महीने का काउंसिल चेयरमैन है, इसलिए किसी भी बैठक को बुलाने के लिए उसकी मंजूरी जरूरी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -