प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जापान दौरे के दूसरे दिन टोक्यो में 16 जापानी प्रांतों के गवर्नर से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के तहत राज्य-प्रांत सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।
इस चर्चा में टेक्नोलॉजी, नवाचार, निवेश, कौशल, स्टार्टअप और छोटे-मध्यम उद्यमों (SME) के क्षेत्र में भारत के राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर ध्यान दिया गया।
इसके बाद पीएम मोदी बुलेट ट्रेन से जापान के पीएम शिगेरु इशिबा के साथ टोक्यो से सेंदाई गए। इससे पहले पीएम मोदी ने भारतीय ट्रेन ड्राइवरों से भी मुलाकात की, जो जापान में रहकर ट्रेनिंग ले रहे हैं।
जापान के पीएम शिगेरू इशिबा ने पीएम मोदी के साथ बुलेट ट्रेन में सफर करते हुए तस्वीरें एक्स पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेंडई की ओर जा रहा हूँ। कल रात से ही सिलसिला जारी है और मैं आपके साथ कार में रहूँगा।”
モディ首相と仙台へ。昨夜に引き続き、車内からご一緒します。 pic.twitter.com/ggE6DonklN
— 石破茂 (@shigeruishiba) August 30, 2025
जापान के अपने दूसरे दिन के दौरे पर अब पीएम मोदी जापानी प्रधानमंत्री के साथ लंच करेंगे। फिर 4 इलेक्ट्रोन फैक्ट्रियों का दौरा करेंगे, जिनमें से एक E10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का प्रोटोटाइप है। इसे भारत के खरीदने की भी उम्मीद जताई जा रही हैं। इसके बाद पीएम मोदी चीन के लिए रवाना होंगे।
पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की
जापान ने भारत में पहलगाम आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा की। साथ ही कहा कि इस हमले के जिम्मेदार आतंकी, उनके आयोजक और फाइनेंसर को बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। पीएम मोदी और जापान के पीएम शिगेरु इशिबा के बीच शिखर वार्ता के बाद शुक्रवार (29 अगस्त 2025) को जारी संयुक्त बयान में यह बात कही गई।
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किए आतंकी संगठनों और उनके सहयोगी जैसे लश्कर-ए-तैयबा(LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), अल कायदा और ISIS के खिलाफ ठोस और सामूहिक कार्रवाई की अपील भी की।
दोनों नेताओं ने यह भी दोहराया कि इन आतंकी संगठनों के ठिकानों को तोड़ना, आतंकी फंडिंग चैनलों को खत्म करना और आतंकवाद के नेटवर्क को तोड़ना बहुत जरुरी है।
चंद्रयान-5 जापान के रॉकेट से होगा लॉन्च
पीएम नरेंद्र मोदी 15वें भारत-जापान समिट में हिस्सा लेने पहुँचे। यहाँ दोनों देशों के बीच कई MoU एक्सचेंज किए गए। इसमें चंद्रयान-5 को लेकर भी भारत-जापान के बीच समझौता हुआ है। यह मिशन दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों, ISRO और JAXA का संयुक्त मिशन होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिशन के तहत चाँद के दक्षिणी ध्रुव का अध्ययन किया जाएगा। इस मिशन में JAXA के H3-24L रॉकेट को भेजा जाएगा, जिसमें ISRO द्वारा बनाए गए चंद्र लैंडर होंगे। जो जापान में बने चंद्र रोवर को ले जाएगा।


