ट्रंप ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के एक ग्रुप के साथ वार्ता की। बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह रूस और यूक्रेन के बीच शांति की संभावना से बहुत खुश हैं। उन्हें इस बात की भी खुशी है कि जल्द ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि ये त्रिपक्षीय वार्ता होगी।


वहीं जेलेंस्की ने प्रस्तावित वार्ता को लेकर कहा है कि रूस और यूक्रेन को बिना शर्त बातचीत करनी चाहिए और युद्ध को खत्म करने के बारे में सोचना चाहिए।
This was a demonstrative and cynical Russian strike. They are aware that a meeting is taking place today in Washington that will address the end of the war.
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) August 18, 2025
We will have a discussion with President Trump about key issues. Along with Ukraine, the leaders of the United Kingdom,… pic.twitter.com/p62L8tAKx5
इससे पहले शुक्रवार (15 अगस्त 2025) को राष्ट्रपति ट्रंप ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति से फोन पर बात की। उन्होंने कहा, ” मैनें उच्च स्तरीय बैठक खत्म होने के बाद पुतिन को फोन किया। राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच बैठक को लेकर व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। इस बैठक में मैं भी रहूँगा।”
यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल के एक सूत्र के अनुसार, ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं को बताया कि पुतिन ने ही ये सुझाव दिया था। हालाँकि मॉस्को ने सार्वजनिक रूप से अपनी सहमति अभी तक नहीं दी है। लेकिन अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि पुतिन-ज़ेलेंस्की की बैठक हंगरी में हो सकती है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के अनुसार, दोनों अगले दो हफ़्तों के भीतर मिलेंगे।
हालाँकि ट्रंप- जेलेंस्की वार्ता शुरू होने से ठीक पहले, रूस के विदेश मंत्रालय ने शांति समझौते को सुनिश्चित करने में मदद के लिए नाटो देशों के सैनिकों की उपस्थिति को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। इससे ट्रंप की मुश्किलें थोड़ी बढ़ गई थी।
रूस और यूक्रेन के बीच आखिरी सीधी वार्ता जून में तुर्किए में हुई थी। पुतिन ने जेलेंस्की के वहाँ आमने-सामने बैठकर बातचीत करने के सार्वजनिक निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया था। रूस ने अपना एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए भेजा था।
इसको लेकर भी ट्रंप और पुतिन के बीच बात हुई थी। जानकारी के मुताबिक, ट्रंप-पुतिन सीधी वार्ता में भाग लेने वाले यूक्रेनी और रूसी पक्षों के प्रतिनिधियों के स्तर को बढ़ाने की संभावना पर चर्चा की गई।
इस बीच, जेलेंस्की का समर्थन करने अमेरिका गए यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप से आग्रह किया कि वे पुतिन पर साढ़े तीन साल पुराने युद्ध में युद्धविराम के लिए सहमत होने का दबाव डालें, उसके बाद ही कोई भी बातचीत आगे बढ़े। ट्रंप ने पहले इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा है कि कोई भी शांति समझौता व्यापक होना चाहिए।


